इटली के लिए परीक्षा की घड़ी

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption कोई भी उलटफेर इटली को विश्व कप से बाहर भेज सकता है

गुरुवार को होने वाले चार मुक़ाबलों में पहले दो मुक़ाबले ग्रुप एफ़ के होंगे. पोलोकवाने में पराग्वे का मुक़ाबला न्यूज़ीलैंड से तो जोहानेसबर्ग के एलिस पार्क स्टेडियम में इटली का मुक़ाबला स्लोवाकिया से होगा.

इस ग्रुप में पराग्वे के सबसे अधिक चार अंक हैं.जबकि मौजूदा चैम्पियन इटली के दो और न्यूज़ीलैंड के भी दो अंक हैं.

स्लोवाकिया के पास सिर्फ़ एक अंक है. पराग्वे ने इटली के साथ ड्रॉ खेला था लेकिन उसने स्लोवाकिया को 2-0 से मात दी थी.

जबकि विश्व चैम्पियन इटली पराग्वे और न्यूज़ीलैंड दोनों के ख़िलाफ़ मैच ड्रॉ ही करा पाई है. स्लोवाकिया और न्यूज़ीलैंड का मुक़ाबला भी ड्रॉ हुआ था.

अगर पराग्वे और न्यूज़ीलैंड के बीच मैच की बात करें तो पराग्वे का पलड़ा भारी दिखता है क्योंकि इस समय टीम अच्छे फ़ॉर्म में नज़र आ रही है. लेकिन इटली के ख़िलाफ़ मैच ड्रॉ कराने के बाद से न्यूज़ीलैंड के हौसले बुलंद हैं.

हो सकता है कि न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच ड्रॉ कराने से ही पराग्वे की टीम दूसरे दौर में पहुँच जाए लेकिन टीम जीतने की कोशिश करेगी, ताकि उसे किसी अंकगणित में उलझना ना पड़े.

लॉटरी से दूसरे दौर का फ़ैसला!

स्लोवाकिया के ख़िलाफ़ मैच में इटली की प्रतिष्ठा दाँव पर है. कोई भी उलटफेर टीम का विश्व कप से पत्ता साफ़ कर सकता है. इसलिए इटली की टीम कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगी.

इटली की टीम अपने दोनों मैच सिर्फ़ ड्रॉ करा पाई थी और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तो मैच में टीम पिछड़ भी गई थी. इटली की टीम में आंद्रे पर्लो की वापसी हो सकती है, जबकि पज़ीनी को भी शुरू से मौक़ा मिल सकता है.

अगर इटली का स्लोवाकिया से और न्यूज़ीलैंड का पराग्वे से मैच एक ही स्कोर से ड्रॉ होता है, तो इस ग्रुप से क्वालीफ़ाई होने वाली दूसरी टीम का फ़ैसला फ़ीफ़ा लॉटरी से होगा.

इसके बाद ग्रुप ई के दो मुक़ाबले खेले जाएँगे. रस्टेनबर्ग में डेनमार्क और जापान का मुक़ाबला होगा तो केपटाउन में कैमरून और नीदरलैंड्स का मुक़ाबला होगा. फ़िलहाल नीदरलैंड्स का दूसरे दौर में पहुँचना क़रीब-क़रीब तय है, तो जापान और डेनमार्क की टीम में दूसरे दौर में जगह बनाने के लिए कड़ा मुक़ाबला है.

जापान बना सकता है इतिहास

जापान और डेनमार्क के मुक़ाबले की बात करें, तो दोनों देशों ने एक-एक मैच जीते हैं और एक-एक मैच में उनकी पराजय हुई है.

Image caption जापान के लिए इतिहास बनाने का मौक़ा

जापान की टीम अगर ये मैच ड्रॉ भी करा लेती है तो दूसरे दौर में पहुँचकर टीम इतिहास रचेगी.

क्योंकि विदेशी ज़मीन पर हुए विश्व कप में जापान की टीम कभी भी दूसरे दौर में नहीं पहुँची है.

दूसरी ओर डेनमार्क की टीम ने अभी तक कुछ ख़ास प्रभावित नहीं किया है.

कैमरून के ख़िलाफ़ मैच में डेनमार्क ने अच्छी वापसी करके जीत हासिल की और दूसरे दौर में जाने की उम्मीद बरक़रार रखी है.

डेनमार्क के स्टार खिलाड़ी निकोलस बेन्टेनर पूरी तरह फ़िट नहीं हैं लेकिन इस अहम मैच में वे मैदान पर उतर सकते हैं.

नीदरलैंड्स और कैमरून के ख़िलाफ़ मैच में नीदरलैंड्स का पलड़ा भारी रहेगा. टीम अभी तक अपने दोनों मैच जीती है.

दूसरी ओर कैमरून की टीम अपने दोनों मैच हार गई है.

जापान और डेनमार्क के ख़िलाफ़ हारने के बाद कैमरून की टीम इस मैच में सिर्फ़ प्रतिष्ठा के लिए उतरेगी. शायद उनके खाते में एक जीत आ ही जाए.

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