अमरीकी टीम पर पुलिसिया नज़र

फ़ुटबॉल प्रेमी

विश्व कप शुरू होने से पहले दक्षिण अफ़्रीका के पुलिस प्रमुख का वो बयान काफ़ी चर्चा में रहा था, जिसमें उन्होंने ये कहा था कि वे नहीं चाहते कि अमरीका की टीम दूसरे दौर में जाए.

लेकिन अब अमरीका की टीम ने आख़िरी क्षण में अल्जीरिया को हराकर दूसरे दौर में जगह बना ली है. दरअसल दक्षिण अफ़्रीका के पुलिस प्रमुख दूसरे कारणों से यह बयान दे रहे थे.

उन्होंने कहा था कि अमरीका की टीम जितनी आगे जाएगी, उसके मैचों के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की उपस्थिति की संभावना उतनी ही बढ़ेगी.

और ओबामा का विश्व कप मैचों के दौरान दक्षिण अफ़्रीका में आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द तो साबित होगा ही. पुलिस प्रमुख इसी सिरदर्द से बचना चाहते थे.

लेकिन अमरीका का लगातार अच्छा प्रदर्शन उनका सिरदर्द बढ़ा सकता है. बराक ओबामा भी मैचों में काफ़ी दिलचस्पी ले रहे हैं और उन्होंने दूसरे दौर में पहुँचने पर अमरीकी टीम को बधाई भी दी.

अल्जीरिया के ख़िलाफ़ मैच में तो पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी मौजूद थे. जबकि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में उप राष्ट्रपति जो बाइडन भी मौजूद थे. तो दक्षिण अफ़्रीका के पुलिस प्रमुख की नज़र शनिवार को अमरीका-घाना मैच पर भी ज़रूर होगी.

मेसी प्रभाव

अभी तक जिन खिलाड़ियों ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया है, उनमें अर्जेंटीना के मेसी का नाम सबसे ऊपर है. मेसी ने भले ही अभी तक इस प्रतियोगिता में एक भी गोल नहीं किया है, लेकिन हर गोल में उनका कुछ न कुछ योगदान रहा है.

मेसी के चाहने वाले सिर्फ़ अर्जेंटीना के ही खिलाड़ी या लोग नहीं है. विश्व कप में अपना जादू दिखा रहे मेसी ने विरोधी टीमों का भी दिल जीत लिया है.

स्पेन के मिडफ़ील्डर ज़ावी का कहना है कि बिना विवाद के मेसी इस विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी साबित हो रहे हैं. ज़ावी का कहना है कि मेसी का प्रदर्शन बेजोड़ है और हर गोल में उनकी भूमिका अर्जेंटीना के लिए सुखद साबित हो रही है.

स्पेन के कोच ने भी मेसी को बेहरीन खिलाड़ी बताया है तो चिली के कोच कहते हैं कि इस समय मेसी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं. अर्जेंटीना की टीम तो अपने स्टार खिलाड़ी के प्रदर्शन से गदगद ही हैं, कोच माराडोना भी टीम के शानदार प्रदर्शन पर मेसी प्रभाव का ज़िक्र करना नहीं भूलते.

दुखी डूंगा

मेज़बान दक्षिण अफ़्रीकी टीम के विश्व कप से बाहर हो जाने के कारण स्थानीय लोगों में काफ़ी निराशा है. ये निराशा साफ़-साफ़ दिखने लगी है. लेकिन सोचिए किसी और टीम के कोच को भी इससे निराशा हो सकती है.

हुआ कुछ यही है. ब्राज़ील के कोच डूंगा भी बफ़ाना-बफ़ाना टीम के बाहर हो जाने से काफ़ी दुखी हैं. दक्षिण अफ़्रीका विश्व कप का पहला ऐसा मेज़बान देश बना है, जो दूसरे दौर में भी नहीं पहुँच पाया है.

डूंगा का कहना है कि दक्षिण अफ़्रीका मेज़बान देश हैं इसलिए उसे कम से कम आख़िरी 16 तक तो ज़रूर पहुँचना चाहिए. उन्हें इस बात का भी दुख है कि दक्षिण अफ़्रीका के कोच अल्बर्टो कार्लोस परेरा थे, जो ब्राज़ील के हैं.

परेरा वर्ष 1994 में ब्राज़ील के कोच थे, जब ब्राज़ील ने विश्व कप जीता था और डूंगा उस समय खिलाड़ी के रूप में उस टीम का हिस्सा थे.

डूंगा का कहना है कि स्थानीय लोगों के उत्साह को देखते हुए बफ़ाना-बफ़ाना को अगले दौर तक जाना चाहिए था और इससे उनके देश को भी फ़ायदा होता.

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