उरुग्वे और दक्षिण कोरिया आमने सामने

उरूग्वे  टीम के लुई स्वारेज़, फ़ाइल फ़ोटो
Image caption 1970 विश्व कप के बाद उरूग्वे के लिए अच्छा मौक़ा

शनिवार से नॉक आउट स्टेज के मुक़ाबले शुरू हो रहे हैं और पहला मुक़ाबला उरुग्वे और दक्षिण कोरिया के बीच पोर्ट एलिज़ाबेथ में खेला जाएगा. विश्व कप में दोनों टीमों का एक बार मुक़ाबला हो चुका है. वर्ष 1990 के विश्व कप में हुए इस मुक़ाबले में उरुग्वे की टीम जीती थी.

उस समय उरुग्वे के मैनेजर ऑस्कर तबरेज़ थे. जो आज टीम के कोच हैं. 63 वर्षीय तबरेज़ उरुग्वे की टीम के साथ अपनी दूसरी पारी में उतरे हैं. वर्ष 1930 और 1950 में विश्व चैम्पियन रही उरुग्वे की टीम इसके बाद कोई ख़िताब नहीं जीत पाई है.

उरुग्वे के लिए अच्छा मौक़ा

और तो और टीम 1970 के बाद क्वार्टर फ़ाइनल में भी नहीं पहुँच पाई है, इस बार टीम के पास क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाने का अच्छा मौक़ा है. इस विश्व कप में उरुग्वे ने बहुत संयम वाला प्रदर्शन किया है.

इसका अंदाज़ा इसी से लगता है कि उरुग्वे के ख़िलाफ़ एक भी गोल नहीं हो पाया है. टीम की ताक़तवर डिफ़ेंस लाइन उसकी मज़बूती बन कर सामने आई है. जबकि उसके स्ट्राइकर डिएगो फॉरलैन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है.

दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के खिलाड़ियों ने भी अपनी फ़िटनेस और पासिंग तकनीक से सबको प्रभावित किया है. लेकिन उरुग्वे की टीम दक्षिण कोरिया की डिफ़ेंस लाइन में दरार का फ़ायदा उठाना चाहेगी क्योंकि दक्षिण कोरिया ने अपने आख़िरी दो मैचों में छह गोल खाए हैं.

संभावना है कि उरुग्वे की टीम उन्हीं खिलाड़ियों के साथ उतरेगी, जो खिलाड़ी मैक्सिको के ख़िलाफ़ आख़िरी ग्रुप मैच में उतरे थे. हो सकता है कि ऑस्कर तबरेज़ डिफ़ेंडर डिएगो गॉडिन को मैदान में उतारें.

दूसरी ओर दक्षिण कोरिया से चा डू-री का खेलना तय नहीं है. उन्हें टीम से बाहर बैठाया जा सकता है.

घाना से उम्मीदें

Image caption सारे अफ़्रीक़ी महादेश की उम्मीदें अब घाना से

दूसरा मैच अमरीका और घाना के बीच रस्टेनबर्ग में खेला जाएगा. इस मैच में अफ़्रीक़ी महादेश के लोगों की नज़र होगी क्योंकि घाना के रूप में अफ़्रीक़ी देशों की ओर से एकमात्र चुनौती बच गई है.

लेकिन जिस तरह अमरीका की टीम ने पिछले दिनों प्रदर्शन किया है, उससे तो यही लगता है कि अमरीका के लिए भी क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाने का ये सुनहरा अवसर है.

घाना की टीम दूसरी बार विश्व कप में खेल रही है. वर्ष 2006 के विश्व कप में घाना ने अपने आख़िरी ग्रुप मैच में अमरीका को 2-1 से मात दी थी. अमरीका के कोच बॉब ब्रैडली ने भी माना है कि घाना की टीम काफ़ी प्रतिभावान टीम है.

अमरीका की बात करें तो लैंडन डोनोवान से उन्हें काफ़ी उम्मीद होगी क्योंकि उन्होंने अल्जीरिया के ख़िलाफ़ मैच में निर्णायक गोल के अलावा इस विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया है.

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