जर्मनी,अर्जेंटीना क्वार्टर फ़ाइनल में

तावेज़

अर्जेंटीना और जर्मनी की टीमों ने फ़ुटबॉल विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है.

नॉक आउट स्टेज में विवादित गोल से अपना खाता खोलने वाली अर्जेंटीना की टीम ने एक बार फिर दिखाया कि उन्हें यूँ ही ख़िताब का प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा है.

लेकिन मैक्सिको की भी सराहना करनी होगी कि उन्होंने अर्जेंटीना को अच्छी चुनौती दी और कई मौक़ों पर दुर्भाग्यशाली रहे. लेकिन आख़िरकार अर्जेंटीना ने 3-1 से जीत हासिल करके क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली.

जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में 80 हज़ार से ज़्यादा दर्शकों के सामने मैच के शुरू में ही मैक्सिको ने अर्जेंटीना के गोल पर दनादन गेंद दागने शुरू किया. एक शॉट गोलपोस्ट से टकराया, तो दूसरा बहुत क़रीब से निकल गया.

लेकिन एक बार जब मैक्सिको के भाग्य ने पलटा खाया तो फिर उनके नसीब में हार ही आई. 25वें मिनट में कार्लोस तेवेज़ के विवादित गोल से अर्जेंटीना ने शुरुआत की. रेफ़री और लायंसमैन ये नहीं पकड़ पाए कि तेवेज़ पूरी तरह ऑफ़ साइड थे. इस गोल को लेकर मैक्सिको के खिलाड़ी काफ़ी उत्तेजित थे और हाफ़ टाइम में भी दोनों टीमों के खिलाड़ी और अधिकारी तू-तू मैं-मैं पर उतर आए.

इस विवादित गोल के बाद तनाव और दबाव में आए मैक्सिको के खिलाड़ी ओसोरियो ने ग़लती की और हिग्वेन कहाँ चूकने वाले थे.

2-0 की बढ़त लेने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी रूके नहीं और आक्रमण करते रहे. दूसरे हाफ़ में कार्लोस तेवेज़ ने विवादित गोल की छाया से निकलने की कोशिश की और 52वें मिनट में इतना झन्नाटेदार शॉट लगाया कि कोई कुछ समझ नहीं पाया और जब तक मैक्सिको के खिलाड़ी कुछ समझ पाते गेंद उनके गोल में डोल रही थी.

मैक्सिको के खिलाड़ी अब भी विवादित गोल से अपने को ठगा महसूस कर रहे थे और उन्होंने कई मौक़े गँवाए. लेकिन 71वें मिनट में हर्नांडेज़ ने मैक्सिको की ओर से पहला गोल किया. तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी. और माराडोना के सिपाहियों ने ख़िताब की दिशा में एक और जंग जीत ली.

जर्मनी ने इंग्लैंड को हराया

Image caption यह विश्व कप में इंग्लैंड की सबसे बुरी हार है

इससे पहले चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड और जर्मनी के बीच भी मैच हुआ और विवादों की छाया इस मैच पर भी पड़ी, जब इंग्लैंड के एक गोल को नामंज़ूर कर दिया गया.

लेकिन इस विवादित गोल की आड़ में इंग्लैंड की टीम अपनी ग़लतियों को छिपा नहीं सकती. उसकी डिफ़ेंस लाइन ने इस अहम मैच में जैसी ग़लतियाँ की, उसका नतीजा तो यही निकलना था.

जर्मनी ने 4-1 के बड़े अंतर से जीत हासिल करके आगे की राह बनाई. मैच के 20वें मिनट में स्टार खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़ा ने गोल करने का सिलसिला शुरू किया.

32वें मिनट में एक बार फिर इंग्लैंड के डिफ़ेंस की कलई खुली, जब क्लोज़ा और मुलर ने बेहतरीन मूव बनाया और पोडोलस्की को दूसरा गोल करने में कोई परेशानी नहीं हुई.

लेकिन पाँच मिनट के अंदर इंग्लैंड ने ज़बरदस्त आक्रमण किया और फिर कप्तान स्टीवेन जिरार्ड के क्रॉस पर अप्सन का हेडर जर्मन गोलकीपर को छका गया.

यही कुछ क्षण इंग्लैंड के लिए इस मैच में याद करने लायक़ हैं. पहला गोल करने के एक मिनट के अंदर एक बार फिर इंग्लिश खिलाड़ियों ने हल्ला बोला और फ़्रैंक लैम्पार्ड का शॉट गोलपोस्ट से टकरा कर गोलक्षेत्र में गिरकर बाहर आ गया.

लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ी दुर्भाग्यशाली रहे और रेफ़री ने इसे गोल नहीं माना. दूसरे हाफ़ में इंग्लैंड के खिलाड़ी कहीं नहीं दिखे. मैदान में जर्मन ही जर्मन खिलाड़ी नज़र आ रहे थे.

डिफ़ेंस की दरार दूसरे हाफ़ में और चौड़ी हुई और टॉमस मुलर ने 67 मिनट में बेहतरीन गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया.

अभी इंग्लैंड के खिलाड़ी संभल ही पाते कि टॉमस मुलर ने एक और गोल करके अंतर और बड़ा कर दिया. इस जीत के साथ ही जर्मनी की टीम क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँची, जहाँ उसका मुक़ाबला अर्जेंटीना की मज़बूत टीम से होगा.

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