ब्राज़ील और घाना वर्ल्ड कप से बाहर

ब्राज़ील के फ़ैन
Image caption हार का दुख और जीत का जश्न

विश्व कप के दो क्वार्टर फ़ाइनल. एक के नतीजे से कई देशों में लोगों के दिल टूटे तो दूसरे के नतीजे ने पूरे महादेश को ग़मगीन कर दिया.

नीदरलैंड्स ने ब्राज़ील का पत्ता साफ़ किया तो जीतते-जीतते अफ़्रीका की एकमात्र चुनौती घाना की टीम पेनल्टी शूट आउट में 4-2 से हार गई.

जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में घाना और उरुग्वे के मैच में एक्शन, ड्रामा और ट्रेजडी सब हुआ. लेकिन आख़िरकार परास्त हुई घाना की टीम.

ग़मगीन हुआ महादेश

घाना ने मैच का पहला गोल पहला हाफ़ ख़त्म होने के कुछ देर पहले किया. मुन्तारी का दूर से लगाया गया शॉट उरुग्वे के गोलकीपर को छका गया.

लेकिन उरुग्वे के स्टार स्ट्राइकर फ़ोर्लेन ने दूसरे हाफ़ में फ़्री किक पर बेहतरीन गोल किया. 55वें मिनट में उनके गोल से उरुग्वे ने मैच में वापसी की.

Image caption घाना के जियान की पेनाल्टी किक निशाने से चूकी.

निर्धारित 90 मिनट और 30 मिनट के अतिरिक्त समय में स्कोर 1-1 रहा.

और पेनल्टी शूट आउट में घाना के दो खिलाड़ी चूक गए और इसी के साथ अफ़्रीकी उम्मीदों को ग्रहण लग गया. घाना के ब्लैक स्टार्स एकाएक घने बादल में छिप गए.

अतिरिक्त समय के आख़िरी क्षण में असामाओ जियान ने जो पेनल्टी गँवाया, वो टीम को बहुत महंगा पड़ा.

पेनल्टी शूट आउट में एक समय स्कोर 2-2 से बराबर था. लेकिन घाना के मेनसा ने पहले और फिर बाद में आदिया ने मौका गँवा दिया.

और फिर उरुग्वे के एबरेव ने गोल करके अपनी टीम को सेमी फ़ाइनल में पहुँचा दिया.

ब्राज़ील ने तोड़ा दिल

इससे पहले पोर्ट एलिज़ाबेथ में वही हुआ, जिसका डर था. पाँच बार की चैम्पियन ब्राज़ील का विश्व कप से पत्ता साफ़ हुआ. नीदरलैंड्स ने वो कर दिखाया जो चार साल पहले फ़्रांस की टीम ने किया था.

Image caption ब्राज़ील के नामचीन स्ट्राइकर काका अपनी टीम की हार से निराश.

लगातार दूसरे विश्व कप में ब्राज़ील की टीम क्वार्टर फ़ाइनल में हारकर बाहर हो गई. पहले हाफ़ में जहाँ ब्राज़ील का डंका बज रहा था और लग रहा था कि ख़िताब की दावेदार ब्राज़ील की टीम आसानी से सेमी फ़ाइनल में पहुँच जाएगी.

वहीं दूसरे हाफ़ में मैच ने ऐसा पलटा खाया कि ब्राज़ील समर्थकों को अब भी ये भरोसा नहीं हो रहा कि उनकी टीम हार गई है और प्रतियोगिता से बाहर हो गई है.

पहले हाफ़ के 10वें मिनट में रॉबिनियो ने जिस आसानी से डच डिफेंस को चकमा देते हुए गोल किया, उससे तो यही लगा कि ये मैच ब्राज़ील के हाथ में है.

फिलिप मेलो के लंबे पास पर रॉबिनियो ने ब्राज़ील के खेमे को ख़ुशी से भर दिया. लेकिन उन्हें क्या पता था कि दूसरे हाफ़ में टीम के लिए क़यामत आने वाली है.

बिखर गया सपना

दूसरे हाफ़ में वो हुआ, जो ब्राज़ील की टीम ने सपने में नहीं सोचा था. स्नाइडर के एक क्रॉस को पंच करने की कोशिश में ब्राज़ीलियाई गोलकीपर फिलिप मेलो से टकराए और फिर गेंद मेलो के सिर से लगती हुई गोल में जा घुसी.

Image caption अपनी टीम के प्रदर्शन से दुखी ब्राज़ील के कोच डुंगा

53वें मिनट में हुआ ये आत्मघाती गोल ब्राज़ील पर इतना दबाव लेकर आया कि टीम बिखरने लगी. 15 मिनट बाद स्नाइडर ने ब्राज़ील के जख़्म को और बढ़ा दिया.

एक समय 1-0 से आगे रहने वाली ब्राज़ील की टीम 2-1 से पिछड़ गई और फिर हताश-परेशान फिलिप मेलो ने रॉबेन को फ़ाउल किया. रेफ़री ने रेड कार्ड दिखाकर उन्हें मैदान से बाहर किया.

पहले से ही दबाव झेल रही ब्राज़ील की टीम को 10 खिलाड़ियों से खेलना पड़ा. टीम और टूट गई और फिर नीदरलैंड्स ने 2-1 से जीत हासिल करके पाँच बार की चैम्पियन को प्रतियोगिता से बाहर किया.

अब सेमी फ़ाइनल में नीदरलैंड्स का मुक़ाबला उरुग्वे से होगा.

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