माराडोना से भावुक अपील

एक ओर जहाँ डूंगा को ब्राज़ील के कोच पद से हटा दिया गया है, वहीं माराडोना भी अर्जेंटीना के साथ अपने भविष्य पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. ब्राज़ील और अर्जेंटीना की टीमें फ़ुटबॉल विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में हार कर प्रतियोगिता से बाहर हो गई हैं.

दोनों टीमें स्वदेश पहुँच गई हैं. स्वदेश में दोनों टीमों का स्वागत हुआ है. लेकिन अर्जेंटीना को अपेक्षा के उलट लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है. लोग माराडोना से पद पर बने रहने की भावुक अपील कर रहे हैं.

कई लोग दूर-दराज़ के इलाक़ों से हवाई अड्डे के बाहर पहुँचे. लोग टीम के पक्ष में नारे लगा रहे थे और माराडोना के समर्थन में प्ले कार्ड लेकर खड़े थे.

ब्राज़ील की टीम का भी स्वदेश में स्वागत तो हुआ, लेकिन टीम के वहाँ पहुँचते ही डूंगा और उनकी तकनीकी टीम को हटा दिया गया है. नए कोच की घोषणा इस महीने कभी भी हो सकती है.

फ़िट नहीं थे काका

ब्राज़ील के टीम प्रबंधन और स्टार खिलाड़ी काका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. ब्राज़ीलियाई टीम के डॉक्टर ने कहा है कि स्टार खिलाड़ी काका पूरी तरह फ़िट नहीं थे और विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता नहीं होती तो वे नहीं खेलते.

अब सवाल ये उठ रहा है कि विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता में काका और टीम प्रबंधन ने इतना बड़ा रिस्क क्यों लिया. अगर काका पूरी तरह फ़िट नहीं थे, तो वे विश्व कप में खेले क्यों?

काका इस विश्व कप के उन स्टार खिलाड़ियों में शुमार हैं, जो एक भी गोल नहीं कर पाए. नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल मैच में ब्राज़ील के समर्थक काका से उम्मीद कर रहे थे कि वे कोई चमत्कार कर दिखाएँगे.

लेकिन अब जबकि उनकी फ़िटनेस पर ही सवाल है और ये और कोई नहीं टीम के डॉक्टर बता रहे हैं, तो जवाब कौन दे...

क्या क्लोज़ा करेंगे कमाल?

जर्मनी की टीम ने जिस तरह क्वार्टर फ़ाइनल में अर्जेंटीना की दुर्गति की है, उसके बाद उसे इस विश्व कप में ख़िताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. लेकिन जर्मनी के अलावा उनके स्टार खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़ा पर भी लोगों की उम्मीदें टिकी हैं.

अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ मैच उनका 100वाँ अंतरराष्ट्रीय मैच था और उन्होंने उस मैच में दो गोल मारकर इसका जश्न भी ख़ूब मनाया. क्लोज़ा अब विश्व कप मैचों में 15 गोल के ब्राज़ील के रोनाल्डो के रिकॉर्ड से मात्र एक गोल दूर हैं.

जिस तरह जर्मनी की टीम खेल रही है, उससे लोगों को यही उम्मीद है कि इस विश्व कप में ही क्लोज़ा रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ देंगे. इसके साथ ही क्लोज़ा गोल्डन बूट हासिल करने की होड़ में भी शामिल हैं.

अगर ऐसा हुआ तो लगातार दो विश्व कप में यह सम्मान हासिल करने वाले वे पहले खिलाड़ी होंगे. जर्मनी में हुए पिछले विश्व कप में क्लोज़ा को गोल्डन बूट मिला था, हालाँकि उनकी टीम ख़िताब नहीं जीत पाई थी.

इस विश्व कप में क्लोज़ा चार गोल मार चुके हैं, हालाँकि फ़िलहाल पाँच गोलों के साथ डेविड विया शीर्ष पर हैं. लेकिन देखना ये है कि क्लोज़ा ये कमाल दिखा पाते हैं या नहीं.

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