शकीरा नाचेंगी और नचाएँगी

शकीरा

जैसे-जैसे विश्व कप समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, आयोजक समापन समारोह की तैयारी में जुट गए हैं. समापन समारोह को उदघाटन समारोह से ज़्यादा यादगार बनाने की तैयारी चल रही है.

कौन-कौन राष्ट्राध्यक्ष इस समारोह में शामिल होंगे, इसकी सूची भी तैयार होने लगी है और अभी तक 14 राष्ट्राध्यक्षों ने समापन समारोह में आने को हरी झंडी दे दी है लेकिन और देशों के वरिष्ठ नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है.

उदघाटन समारोह की तरह समापन समारोह की भी मुख्य आकर्षण होंगी कोलंबिया की मशहूर पॉप गायिका शकीरा. शकीरा पर ही इस विश्व कप आधिकारिक गाना...वाका...वाका फ़िल्माया गया है.

समापान समारोह में एक बार फिर शकीरा अपना जलवा दिखाएँगी और वाका वाका पर लोगों को नचाएँगी. आयोजकों का दावा है कि समापन समारोह को और बेहतर बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा.

दुर्भाग्यशाली क्लोज़ा

Image caption स्पेन के हाथों हारने के बाद निराश मुद्रा में मिरोस्लाव क्लोज़ा

विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में जर्मनी को मिली हार के कारण टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों की निराशा समझी जा सकती है. लेकिन सबसे ज़्यादा निराश हैं टीम के स्टार स्ट्राइकर रहे मिरोस्लाव क्लोज़ा.

क्लोज़ा अपने आप को दुर्भाग्यशाली मान रहे हैं. उनका कहना है कि वे शायद अपने देश के लिए कभी कप नहीं जीत पाएँगे. क्लोज़ा वर्ष 2002 के विश्व कप की टीम का भी हिस्सा थे, जब जर्मनी की टीम फ़ाइनल में ब्राज़ील से हार गई थी.

फिर 2006 के विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में जर्मनी को इटली ने हरा दिया था. और इस बार टीम स्पेन के हाथों हार गई. माना जा रहा है कि ये विश्व कप 32 वर्षीय मिरोस्लाव क्लोज़ा का आख़िरी विश्व कप है, हालाँकि इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है.

टीम को ख़िताब जिताने के अलावा क्लोज़ा दो और रिकॉर्ड भी बना सकते थे. वे विश्व कप में 15 गोल के ब्राज़ील के रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ सकते थे और लगातार दो विश्व कप में गोल्डन बूट हासिल करने वाले खिलाड़ी भी बन सकते थे.

लेकिन क्लोज़ा को हर मोर्चे पर निराशा ही हाथ लगी है.

मिल गया आशियाना

Image caption बैनर पर लिखा है - 'हॉलैंड विश्व चैंपियन 2010'

नीदरलैंड्स की टीम ने शायद सोचा नहीं था कि वो फ़ाइनल में जगह बना लेगी. और इसलिए टीम ने पाँच जुलाई तक ही होटल में बुकिंग कराई थी.

अब मुश्किल ये है कि जोहानेसबर्ग के सैंटन हिल्टन होटल में रुकी नीदरलैंड्स की टीम को पाँच जुलाई के बाद जगह नहीं मिल रही थी. क्योंकि फ़ाइनल के कारण इस होटल के सभी कमरे पहले से ही बुक हैं.

दरअसल फ़ीफ़ा टीमों के लिए मैच के पहले एक रात और मैच के बाद एक रात की ही व्यवस्था करती है. बाक़ी व्यवस्था टीम को ख़ुद करनी होती है.

डच टीम ने सोचा नहीं था कि उन्हें फ़ाइनल में पहुँचने का मौक़ा मिलेगा और इसलिए उन्होंने सोच-समझकर पाँच जुलाई तक की बुकिंग कराई थी. अब टीम को सनीसाइड पार्क होटल में आशियाना मिल गया है लेकिन उन्हें हिल्टन होटल छोड़ना पड़ा.

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