ऑक्टोपस का नया संरक्षक!

ऑक्टोपस

इस विश्व कप में मैदान से दूर रहकर भी जर्मन ऑक्टोपस पॉल ने जितनी सुर्ख़ियाँ बटोरी हैं, शायद उतनी सुर्ख़ियाँ जर्मनी की टीम ने भी नहीं बटोरी होंगी. इस विश्व कप में उसने जर्मनी के सभी मैचों की सौ फ़ीसदी सही भविष्यवाणी की है.

जब तक जर्मनी की टीम का कल्याण होता रहा, सब ठीक था. लेकिन सेमी फ़ाइनल में स्पेन के हाथों हारने की पहले ही भविष्याणी कर चुका ये ऑक्टोपस देश में कई लोगों की आँखों की किरकिरी बन चुका है.

लेकिन ऑक्टोपस को अब एक नया संरक्षक मिल गया है, जिसे उसकी चिंता भी है. स्पेन के प्रधानमंत्री जब ऑक्टोपस की बात करें, तो समझ में आता है कि यूरोप में यह जीव कितना लोकप्रिय हो गया है.

प्रधानमंत्री ज़पाटेरो ने मज़ाक-मज़ाक में ये कह दिया कि जर्मन टीम की हार के बाद उन्हें पॉल की सुरक्षा की चिंता है और वे एक सुरक्षा टीम वहाँ भेजने पर विचार कर रहे हैं.

स्पेन की पर्यावरण और मत्स्य मामलों की मंत्री कि वे सोमवार को यूरोपीय मंत्रियों की परिषद की एक बैठक में ये मामला उठाएँगी और मांग करेंगी कि इस ऑक्टोपस के मारने या फिर उसके खाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए...

नडाल देखेंगे फ़ाइनल का धमाल

विंबलडन शुरू होने से पहले विश्व कप में स्पेन और स्विट्ज़रलैंड के मुक़ाबले पर टेनिस दुनिया के दो महारथी खिलाड़ियों रफ़ाएल नडाल और रोजर फ़ेडरर की नज़र थी. नडाल स्पेन के और फ़ेडरर स्विट्ज़रलैंड के जो ठहरे.

स्विट्ज़रलैंड के हाथों स्पेन के इस मैच में पिटने के बाद फ़ेडरर ने ख़ूब जश्न मनाया. लगा फ़ुटबॉल के मैच की तरह फ़ेडरर भी इस बार नडाल को पीट न दें. लेकिन पहले ही मैच में फ़ेडरर को जिन मुसीबतों से दो-चार होना पड़ा, उससे लग गया था कि इस बार उनकी राह आसान नहीं.

हुआ भी यही और फ़ेडरर क्वार्टर फ़ाइनल में बर्डिच के हाथों पिट गए.....लेकिन स्पेन के रफ़ाएल नडाल का सफ़र बेहतरीन रहा और विंबलडन की ट्रॉफ़ी भी इस सितारे को चूमने को मिल गई.

दूसरी ओर स्विट्ज़रलैंड के हाथों पहले मैच में मिली हार के बावजूद संयम से खेलने वाली स्पेन की फ़ाइनल में पहुँच चुकी है. अपने विंबलडन मैचों के दौरान लगातार अपनी फ़ुटबॉल टीम के संपर्क में रहने नडाल अब अपनी टीम का हौसला बढ़ाने जोहानेसबर्ग पहुँच रहे हैं.

ग्रास कोर्ट पर अपना कमाल दिखा चुके नडाल....अब दर्शक-दीर्घा से अपने सहयोगियों का धमाल देखेंगे. और उम्मीद यही है कि उनके आने से स्पेनिश कैंप में और उत्साह बढ़ेगा.

विवादित रेफ़री का संन्यास

इटली के विवादित रेफ़री रोबर्टो रोसेटी ने अंतरराष्ट्रीय मैचों से संन्यास लेने की घोषणा की. ये वही रेफ़री हैं, जिन्होंने अर्जेंटीना और मैक्सिको के ख़िलाफ़ मैच में एक विवादित फ़ैसला किया था.

इस मैच में अर्जेंटीना ने मैक्सिको को 3-1 से मात दी थी. लेकिन अर्जेंटीना की ओर से हुआ पहला गोल काफ़ी विवादित रहा था. दरअसल गोल मारने वाले अर्जेंटीना के खिलाड़ी तेवेज़ स्पष्ट रूप से ऑफ़ साइड थे.

लेकिन रेफ़री और लायंसमैन ने गोल को सही माना. हालाँकि अर्जेंटीना ने इस मैच में बाद में दो गोल और मारे. लेकिन इंग्लैंड-जर्मनी मैच की तरह इस मैच में भी रेफ़री की काफ़ी आलोचना हुई.

अब रोबर्टो रोसेटी अपने संन्यास के फ़ैसले की वजह इस विवादित मैच को नहीं मान रहे लेकिन ये भी सच है कि इस मैच के बाद उन्हें क्वार्टर फ़ाइनल मैच में रेफ़री की भूमिका निभानी थी, जो फ़ीफ़ा ने उन्हें नहीं सौंपी.

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