उरुग्वे और जर्मनी आमने-सामने

फ़ोरलान और क्लोज़ा

विश्व कप फ़ाइनल से पहले शनिवार को तीसरे और चौथे स्थान के लिए जर्मनी और उरुग्वे के बीच मैच खेला जाएगा. पोर्ट एलिज़ाबेथ में होने वाले इस मैच को लेकर समर्थकों में उत्साह भरना काफ़ी मुश्किल काम है. क्योंकि दोनों ही टीमों और समर्थकों के ज़ख़्म हरे हैं.

सेमी फ़ाइनल में जर्मनी की टीम स्पेन से और उरुग्वे की टीम नीदरलैंड्स से हार गई थी. समर्थकों के साथ-साथ टीम के खिलाड़ियों में भी एक प्रतियोगी मैच जैसा उत्साह भरना दोनों टीमों के कोच के लिए मुश्किल भरा काम होगा.

जर्मनी की टीम तीन बार विश्व चैम्पियन रह चुकी है और उरुग्वे की टीम दो बार. तीसरे और चौथे स्थान के लिए वर्ष 1970 में भी दोनों टीमों का मुक़ाबला हुआ था, जिसमें जर्मनी की टीम जीती थी.

पिछले विश्व कप में भी जर्मनी की टीम सेमी फ़ाइनल में हार गई थी, लेकिन तीसरे और चौथे स्थान के लिए हुए मैच में उसने पुर्तगाल को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया था.

जर्मनी का पलड़ा भारी

Image caption उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच से अभ्यास करती जर्मन टीम.

टीमों के प्रदर्शन के हिसाब से देखें तो इस मैच में जर्मनी का पलड़ा भारी लगता है. जर्मनी की टीम भले ही सेमी फ़ाइनल में हार गई हो लेकिन इस प्रतियोगिता में उसने कई अच्छे मैच खेले हैं और लोगों का दिल भी जीता है.

टीम के स्टार स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़ा का इस मैच में खेलना संदिग्ध है. मिरोस्लाव क्लोज़ा विश्व कप में सर्वाधिक 15 गोल के ब्राज़ील के रोनाल्डो के रिकॉर्ड से मात्र एक गोल दूर हैं. उनके लिए मौक़ा था कि इस विश्व कप में वे यह रिकॉर्ड तोड़ दे.

लेकिन पहले तो उनकी टीम सेमी फ़ाइनल में हार गई और फिर इस मैच के लिए वे पूरी तरह फ़िट नहीं है. क्लोज़ा की पीठ में दर्द है. क्लोज़ा इस विश्व कप में गोल्डन बूट हासिल करने की भी होड़ में हैं. लेकिन ये इस पर निर्भर करता है कि वे इस मैच में खेलते हैं या नहीं और फिर गोल मार पाते हैं या नहीं.

मिरोस्लाव क्लोज़ा

Image caption मिरोस्लाव क्लोज़ा का ये अंतिम विश्व कप हो सकता है,

वैसे ये भी माना जा रहा है कि 32 वर्षीय मिरोस्लाव क्लोज़ा के लिए यह विश्व कप आख़िरी विश्व कप होगा. दूसरी ओर एक मैच के निलंबन के बाद टामस मूलर इस मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे.

टीम को स्पेन के ख़िलाफ़ सेमी फ़ाइनल मैच में उनकी कमी खली और कोच जोकिम लो ने भी यह बात स्वीकार की थी. कप्तान फिलिप लाम और लुकास पोडोलस्की की तबीयत भी ठीक नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि इस मैच के लिए ये दोनों फ़िट हो जाएँगे.

उरुग्वे की टीम भी भले ही फ़ाइनल में नहीं पहुँच पाई, लेकिन टीम ने इस विश्व कप में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. उरुग्वे की टीम सेमी फ़ाइनल में नीदरलैंड्स के 3-2 से हार गई थी.

फ़ोरलैन का खेलना संदिग्ध

इस मैच में टीम के स्टार खिलाड़ी डेविड फ़ोरलैन का भी खेलना संदिग्ध है. फ़ोरलैन भी चार गोल के साथ गोल्डन बूट हासिल करने वालों की होड़ में शामिल हैं.

Image caption लुईस स्वारेज़ शनिवार को होने वाले मैच में वापसी करेंगे

दूसरी ओर एक मैच के निलंबन के बाद लुईस स्वारेज़ टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे. स्वारेज़ ने घाना के ख़िलाफ़ मैच में एक गोल हाथ से बचा लिया था, जो टीम के लिए वरदान साबित हुआ. हालाँकि उन्हें रेड कार्ड देकर मैदान से बाहर कर दिया गया था.

अभी तक दोनों टीमों के बीच नौ मैच हो चुके हैं, जिनमें से जर्मनी ने छह और उरुग्वे ने सिर्फ़ एक मैच जीता है. दो मैच ड्रॉ रहे हैं. उरुग्वे ने 1928 में जर्मनी को हराया था.

जर्मनी की टीम विश्व कप में रिकॉर्ड पाँचवीं बार तीसरे और चौथे स्थान के लिए हुए मैच में खेल रही है. इससे पहले चार बार हुए मैचों में से तीन में जर्मनी जीती थी और एक में उसे हार मिली थी. यानी 1934, 1970 और 2006 के विश्व कप में जर्मनी की टीम तीसरे स्थान पर रही जबकि 1958 के विश्व कप में उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था.

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