दुनिया को मिलेगा नया विजेता

वॉन ब्रानकास्ट
Image caption नीदरलैंड्स के कप्तान ने सेमी फाइनल में ज़बर्दस्त गोल किया था.

अफ़्रीका में हो रहे पहले विश्व कप में विजेता वो टीम बनेगी जिसने कभी भी विश्व कप नहीं जीता है. नीदरलैंड्स की टीम दो बार विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँच चुकी है, लेकिन दोनों बार उसे हार का मुँह देखना पड़ा. जबकि स्पेन की टीम पहली बार विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँची है.

तो इस बार विश्व कप का नया विजेता होगा और विजेता टीम उरुग्वे, इटली, जर्मनी, ब्राज़ील, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और फ़्रांस के साथ ऐसी टीम में शामिल हो जाएगी, जिसने विश्व कप जीता है.

रविवार को जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में इसका फ़ैसला होगा कि कौन सी टीम फ़ुटबॉल की दुनिया पर अगले चार साल तक राज करेगी...स्पेनिश टीम या फिर डच टीम.

स्पेन की टीम का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 1950 के विश्व कप में हुआ था, जब टीम चौथे स्थान पर रही थी लेकिन उस समय विश्व कप का प्रारुप थोड़ा अलग था और क्वार्टर फ़ाइनल या सेमी फ़ाइनल नहीं खेले गए थे और अंक के आधार पर विजेता का फ़ैसला हुआ था.

लेकिन वर्ष 2008 में यूरो कप जीतने के बाद स्पेन के पास दोहरी सफलता हासिल करने का बेहतरीन मौक़ा है. स्पेन की टीम इस समय बेहतरीन प्रदर्शन के दौर से गुज़र रही है और इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि स्पेन ने पिछले 54 में से 50 मुक़ाबले जीते हैं.

स्पेन ने इस विश्व कप में गेंद पर ज़्यादा से ज़्यादा नियंत्रण रखकर विपक्षी टीमों को जिस तरह परेशान किया है, वो सराहनीय है और यही अंतर स्पेन के विश्व कप जीतने के दावे को सही साबित भी कर सकता है.

दूसरी ओर नीदरलैंड्स की टीम 1974 और 1978 के विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँची ज़रूर लेकिन ख़िताब नहीं जीत पाई. इस प्रतियोगिता में भी उसने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है. टीम लगातार 25 मैचों में एक भी नहीं हारी है.

टीम के पास बेहतरीन मौक़ा है कि वह 1970 के विश्व कप में ब्राज़ील के बनाए रिकॉर्ड की बराबरी कर ले. ब्राज़ील ने उस विश्व कप से पहले सभी क्वालीफ़ाइंग मैच और फिर विश्व कप के सभी मैच जीते थे.

किस पर होगी नज़र

खिलाड़ियों की बात करें तो नीदरलैंड्स की ओर से आयन रॉबेन और वेस्ली स्नाइडर पर सबकी नज़रें होंगी. इनके अलावा रॉबिन वैन पर्सी और डर्क काउट के ख़िलाफ़ भी स्पेन को रणनीति बनानी पड़ेगी क्योंकि एक भूल उनसे ख़िताब छीन सकती है.

Image caption रॉबेन नीदरलैंडस के बेहतरीन स्ट्राइकर हैं.

दूसरी ओर स्पेन की डेविड विया, ज़ावी और इनिएस्टा की तिकड़ी नीदरलैंड्स की नींद हराम कर सकती है. ये तिकड़ी विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के पुरस्कार के लिए भी नामांकित हुई है. विया ने इस विश्व कप में अभी तक पाँच गोल मारे हैं और नीदरलैंड्स के स्नाइडर के साथ गोल्डन बूट हासिल करने की भी होड़ में हैं.

फ़ाइनल के लिए नीदरलैंड्स की टीम में वैन डर वील और नाइजल डी यांग को शामिल किया जा सकता है. दोनों निलंबित होने के कारण सेमी फ़ाइनल में नहीं खेल पाए थे. दूसरी ओर स्पेन के कोच विन्सेंट डेल बॉस्क़ को ये फ़ैसला करना है कि वे फ़र्नांडो टोरेस को शुरू से ही मैच में उतारेंगे या फिर पेड्रो से ही काम चलाएँगे.

स्पेन की टीम अपना 13वाँ विश्व कप खेल रही है और नीदरलैंड्स की टीम नौवाँ. लेकिन अभी तक किसी बड़ी प्रतियोगिता में दोनों टीमों का आमना-सामना नहीं हुआ था. आख़िरी बार ये दोनों टीमें 1920 के ओलंपिक में सिल्वर मेडल के लिए आमने-सामने थी और उसमें स्पेन की टीम जीती थी. और इस बार मुक़ाबला तो जग जीतने का है.

जहाँ तक टीमों के समर्थन की बात है, तो मुक़ाबला तगड़ा है. लेकिन शायद इस मामले में नीदरलैंड्स की टीम बाज़ी मार ले जाए. उसकी वजह ये भी है कि दक्षिण अफ़्रीका के कई हिस्सों में वर्षों पुरानी डच कॉलोनी है और दक्षिण अफ़्रीका से डच लोगों का पुराना नाता है. इस कारण बड़ी संख्या में डच लोग यहाँ रहते हैं और उनका तो नीदरलैंड्स को समर्थन मिलना तय है.

Image caption विया गोल्डन बूट के प्रबल दावेदारों में से है.

रही बात स्पेन की तो उनके समर्थक भले ही थोड़े कम हो, लेकिन उत्साह में उनका कोई सानी नहीं. शायद सड़कों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में ज़्यादा से ज़्यादा स्पेन समर्थक बाहर निकल रहे हैं.

स्थानीय लोगों के सामने बड़ी दुविधा वाली स्थिति है, क्योंकि उनकी टीम तो बाहर हो चुकी है. लेकिन वे भी अपनी पसंद के मुताबिक़ टीमों का चयन कर रहे हैं.

रोनाल्डो और काका की टीमों के प्रतियोगिता से चले जाने के बाद और अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत डेविड विया इस समय सबसे हॉट खिलाड़ी हैं.

उनसे लोगों को उम्मीद है कि वे इस बार न सिर्फ़ अपनी टीम को जिताएँगे बल्कि गोल्डन बूट भी हासिल करेंगे.

विशेषज्ञों की राय

जहाँ तक फ़ुटबॉल विशेषज्ञों की बात है, तो ज़ाहिर है एक टीम को लेकर सभी की राय नहीं मिल सकती. इसलिए स्पेन जीतेगा या नीदरलैंड्स- इस पर एक्सपर्ट भी बँटे हुए हैं. लेकिन अपनी बेहतरीन शैली की फ़ुटबॉल के कारण इस मामले में भी नीदरलैंड्स से थोड़ी आगे निकल गई है.

वैसे नीदरलैंड्स को ज़्यादा नंबर देने वालों का तर्क ये है कि टीम के पास स्पेन से ज़्यादा अनुभवी स्ट्राइकर हैं, ख़ासकर रॉबेन और स्नाइडर. रॉबेन और स्नाइडर ने कई मौक़े पर अपने बेहतरीन खेल से लोगों को मुग्ध कर दिया है.

तो मैदान पर मुक़ाबले के अलावा कई विशेषज्ञों के दावे की भी परीक्षा होगी. और परीक्षा तो शायद पॉल ऑक्टोपस की भी हो, जिसने स्पेन के जीतने की भविष्यवाणी की है.

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