मोदी को राहत नहीं

ललित मोदी
Image caption मोदी शुक्रवार को अनशासन समिति के सामने पेश होंगे.

गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंडियन प्रीमियर लीग के निलंबित चेयरमैन ललित मोदी की भारतीय क्रिकेट बोर्ड की अनुशासन समिति को दुबारा गठित करने की अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया.

मोदी ने अदालत में बीसीसीआई की तीन-सदस्यीय अनुशासन समिति के पुनरागठन की मांग की थी.

बीसीसीआई की अनुशासन समिति में इंडियन प्रीमियर लीग के अंतिरम चेयरमैन चिरायू अमीन, अरुण जेटली और ज्योतिर्दित्य सिंधिया शामिल हैं.

इस समिति ने मोदी को शुक्रवार को अपने सामने पेश होने के लिए कहा है.

अदालत में मोदी का पक्ष था कि ये अनुशासन समिति उनके साथ पक्षपात कर सकती है. उन्होंने अनुशासन समिति में स्वंतत्र लोगों को रखने की मांग की थी.

अदालत में ललित मोदी का तर्क था कि चिरायू अमीन उनसे ‘व्यक्तिगत तौर से पक्षपात’ कर सकते हैं और अरुण जेटली तो उस आईपीएल गवर्निंग काउसिंल के सदस्य हैं जिसने मौजूदा अनुशासन समिति के गठन का अनुमोदन किया है.

लेकिन अदालत ने कहा कि बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक अनुशासन समिति के अधिकार सीमित हैं क्योंकि समिति को आरोंपो के बारे में पूछताछ के बाद अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई को देनी होती है. बीसीसीआई ही इसपर अंतिम निर्णय लेगा.

मोदी को राहत तो नहीं मिली लेकिन अदालत ने ये ज़रुर कहा कि वे समिति के अंतिम फ़ैसले को चुनौती दे सकते हैं.

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