मुरली को अब भी रिकॉर्ड की तलाश

मुरलीधरन
Image caption मुरलीधरन 800 विकेट के रिकॉर्ड से सिर्फ आठ विकेट दूर हैं

श्रीलंका में होने वाली भारत बनाम श्रीलंका सीरीज़ के लिए क्रिकेट प्रेमी काफी उत्साहित रहेंगे. लेकिन मुरलीधरन के प्रशंसकों को निराशा हाथ लगने वाली है क्योंकि पहले ही मैच के बाद मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले हैं.

लेकिन श्रृंखला की शुरुआत अगर मुरलीधरन की इच्छा के मुताबिक़ हो गई तो उनके प्रशंसक ज़रूर जश्न मनाएंगे. ऐसा इसलिए हो सकेगा क्योंकि अभी मुरलीधरन अपने 800 विकेट के लक्ष्य से सिर्फ आठ विकेट दूर हैं. यानि एक मैच में 10 में से 8 विकेट लेने की चुनौती होगी मुरलीधरन पर .ये आसान काम बिल्कुल नहीं है.

अगर गॉल के मैदान पर अपना आख़िरी टेस्ट मैच खेलते हुए मुरली ने आठ विकेट झटक लिए तो ये मैच हर दर्शक के लिए बहुत ही रोमांचक और यादगार होने वाला है.

'मैं ख़ुदगर्ज़ हूं'

अब तक टेस्ट क्रिकेट में 792 विकेट हासिल कर चुके मुरलीधरन ने बीबीसी से कहा, “मैंने हमेशा से सोचा था कि मैं 800 विकेट के आंकड़े तक पहुंचूंगा. ये मैं अभी भी कर सकता हूं क्योंकि मेरे पास अभी एक आख़िरी टेस्ट मैच बचा हुआ है. ये मेरी शानदार विदाई होगी.”

Image caption 'मैं ख़ुदगर्ज़ हूं और चाहता हूं मेरा रिकॉर्ड कभी न टूटे”

मुरलीधरन ने 792 विकेट महज़ 132 टेस्ट मैच खेलकर ली हैं जबकि 337 एक दिवसीय मैच में उन्होंने 515 विकेट लिए.

फ़िलहाल मुरलीधरन सिर्फ टेस्ट क्रिकेट से ही संन्यास ले रहे हैं. उन्होंने 2011 तक एक दिवसीय क्रिकेट जारी रखने का मन बनाया है और उसके बाद सिर्फ ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट पर ही ध्यान देंगे.

मुरलीधरन ने संन्यास लेने के फ़ैसले की वजह बताते हुए कहा, “मैं क्रिकेट में अपने लिए जो कुछ चाहता था उसमें से बहुत कुछ हासिल कर चुका हूं. अब हासिल करने के लिए और कुछ बचा नहीं है इसलिए मैं खेलने के लिए ख़ुदगर्ज़ नहीं बन सकता हूं”

मुरलीधरन मानते हैं कि कोई खिलाड़ी नहीं चाहता कि उसका रिकॉर्ड टूटे, "मैं भी उन खिलाड़ियों से कुछ अलग नहीं हूं. इसलिए मैं नहीं चाहता कि मेरा रिकॉर्ड कभी टूटे, लेकिन मैं ये भी जानता हूं कि वो एक दिन टूट जाएगा. रिकॉर्ड ऐसे ही बनते हैं. ऐसा होगा लेकिन मैं ख़ुदगर्ज़ हूं और चाहता हूं मेरा रिकॉर्ड कभी न टूटे”

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