महिला हॉकी और सेक्स स्कैंडल

हॉकी
Image caption महिला हॉकी में पहली बार इस तरह के गंभीर आरोप सामने आए हैं.

भारतीय महिला हॉकी में यौन प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दे उभरे हैं और मामले की जांच की घोषणा की गई है.

हॉकी का प्रबंधन देखने वाली संस्था हॉकी इंडिया की अध्यक्ष विद्या स्टोक्स ने कहा कि मामले की पूरी जांच होगी और तभी कार्रवाई की जाएगी.

उनका कहना था,'' महिला खिलाड़ी ने शिकायत की है लेकिन हमें उनसे भी पूछताछ करनी होगी. सच्चाई पता लगाएंगे. फिर कोच से भी बात होगी. कोच ने आग्रह किया है कि उन्हें जांच पूरी होने तक टीम के साथ न भेजा जाए.''

हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र बत्रा ने बताया कि हॉकी टीम की एक महिला खिलाड़ी ने लिखित रुप में कोच और टीम के वीडियोग्राफर की शिकायत की थी.

बत्रा ने बताया कि खिलाड़ी ने साफ़ लिखा है कि महिला टीम के कोच एमके कौशिक खिलाड़ियों का यौन शोषण करने की कोशिश करते थे.

इसमें वीडियोग्राफ़र बासवराज भी आरोप लगाए गए हैं.

बत्रा ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन किया गया है और खिलाड़ियों के अलावा मामले से जुड़े सभी लोगों से बात की जाएगी.

बत्रा का कहना था, ‘‘ हमने इस पर गंभीर रवैया अपनाया है. वीडियोग्राफ़र को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. कोच ने स्वयं कहा है कि जब तक आरोपों की जांच न हो जाए वो टीम के साथ नहीं जाना चाहेंगे. आज शाम हम कई लोगों से बात करेंगे.’’

उल्लेखनीय है कि एमके कौशिक पिछले कई वर्षों से महिला टीम के कोच रहे हैं. उन्होंने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि ये उन्हें बदनाम करने की साज़िश है.

हालांकि इस बीच वीडियोग्राफर बासवराज की कुछ लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें भी मीडिया में सामने आई हैं और संभवत इसी कारण उन्हें जांच शुरु होने से पहले ही निलंबित कर दिया गया है.

आरोप लगाने वाली महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में खेल चुकी हैं और उनका कहना है कि टीम के अधिकतर खिलाड़ी ग़रीब पृष्ठभूमि के हैं इसलिए वो कोच या किसी अन्य अधिकारी के ख़िलाफ़ शिकायत करने से घबराती हैं.

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