सुप्रीम कोर्ट ने भी शोभराज को दोषी पाया

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने उस फ़ैसले को बरकरार रखा है कि जिसमें उन्हें एक अमरीकी महिला पर्यटक की हत्या का दोषी पाया है.

सु्प्रीम कोर्ट ने 1975 में हुई एक हत्या के सिलसिले में चार्ल्स शोभराज के ख़िलाफ़ 14 जुलाई को अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था.

हत्या का ये मामला 1975 का है जब कोनी जो नाम की अमरीकी महिला का शव काठमांडु में मिला था. फ़्रांसीसी नागरिक शोभराज को इस हत्या को दोषी पाते हुए उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी. लेकिन इस फ़ैसले की ख़िलाफ़ दायर की गई अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है.

शोभराज को जाली पासपोर्ट इस्तेमाल करने के ज़ुर्म में नेपाल में वर्ष 2003 में गिरफ़्तार किया गया था.

शोभराज पर 1970 के दशक में पूरे एशिया भर में तक़रीबन 20 हत्याओं का आरोप है.मगर ये पहली मामला है जहाँ उन्हें हत्या का दोषी ठहराया पाया है.

वह नशीले पदार्थों के व्यापार और पर्यटकों को लूटने के आरोप में भारत में 20 साल की सज़ा काट चुके हैं. शोभराज ने जब 1997 में भारत में सज़ा पूरी कर ली थी तो उन्हें फ़्रांस भेज दिया गया था.

थाईलैंड के 'पट्टाया बीच रिसॉर्ट' में पश्चिमी देशों की महिलाओं की हत्या से उनका नाम जुड़ने के बाद उन्हें 'बिकनी किलर' का नाम भी दिया गया था.

शोभराज के पिता भारतीय और माँ वियतनामी थे.वियतनामी पृष्ठभूमि के कारण उनके पास फ्रांस की नागरिकता है.

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