असह्य गर्मी से प्रतियोगी की मौत

विश्व सॉना प्रतियोगिता
Image caption अंत में बचे प्रतियोगियों की हालत बिगड़ने लगी और रूसी प्रतियोगी (बाएँ) की मौत हो गई

फ़िनलैंड में विश्व सॉना प्रतियोगिता के फ़ाइनल में अंतिम बचे हुए दो प्रतियोगी जलने से घायल हो गए और एक की मौत हो गई.

इस प्रतियोगिता में 110 डिग्री सेल्सियस तापमान में सबसे अधिक देर तक रह सकनेवाले प्रतियोगी की जीत होनी थी लेकिन अंतिम दौर तक पहुँचे दोनों ही प्रतियोगियों की हालत बिगड़ने लगी.

रूसी प्रतियोगी व्लादीमिर लेदिज़ेंस्की और फ़िनलैंड के उनके प्रतिद्वंद्वी टिमो कॉकोनेन जलने के बाद गिर पड़े और बाद में लेदिज़ेस्की की मौत हो गई.

दोनों प्रतियोगी इस तापमान के बीच छह मिनट तक रहे जब अचानक निर्णायकों ने देखा कि कुछ गड़बड़ है.

वैसे प्रतियोगिता के मुख्य आयोजक ने कहा कि प्रतियोगिता में नियमों का पूरा ध्यान रखा गया है.

आयोजक ओसी आर्वेला ने हेइनोला शहर में पत्रकारों से कहा,"सारे नियमों का पालन किया गया और वहाँ प्राथमिक चिकित्सा के लिए पर्याप्त लोग थे. सभी प्रतियोगियों को एक चिकित्सक के प्रमाणपत्र के साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने दिया गया."

प्रतियोगिता

प्रतियोगिता में सॉना के भीतर रखे स्टोव पर हर आधे मिनट पर आधा लीटर पानी मिलाया जा रहा था और अंतिम प्रतियोगी को विजेता घोषित किया जाना था.

आयोजक ने कहा,"फ़िनलैंड के बाहर के लोगों के लिए ये समझना बेहद कठिन होगा कि सॉना का तौर-तरीक़ा क्या होता है. इससे पहले बहुत सारे प्रतियोगी इससे भी अधिक तापमान में बैठ चुके हैं."

अंतिम दो प्रतियोगियों में टिमो कॉकोनेन भी शामिल थे जो पिछली बार की प्रतियोगिता के विजेता थे.

उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता छोड़ने से मना कर दिया. उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है.

आयोजक ओसी आर्वेला ने बताया है कि पुलिस ने रूसी प्रतियोगी की मौत के बारे में जाँच शुरू कर दी है.

1999 से हो रही प्रतियोगिता में 15 देशों के 130 प्रतियोगी हिस्सा ले रहे थे.

आयोजकों ने कहा है कि अब आगे से ये प्रतियोगिता नहीं होगी.

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