नज़र मेडल पर:राजपाल सिंह

परिचय

प्रस्तुति: पवन नारा

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भारतीय हॉकी टीम के कप्तान राजपाल सिंह का जन्म आठ अगस्त 1983 को चंडीगढ में हुआ.

राजपाल सिंह के पिता सरदार हरपाल सिंह चंडीगढ़ पुलिस में अधिकारी रहे और उनकी माँ प्रकाश कौर गृहिणी हैं.

शुरुआती कोच के बारे में राजपाल सिंह कहते हैं, "मेरे शुरुआती कोच मेरे पिताजी ही रहे जिन्होंने हमेशा मुझे प्रेरित किया."

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उनके अनुसार, "भले ही मेरे पिता जी ख़ुद हॉकी ना खेले हों पर उन्होंने बहुत हॉकी देखी है. कुछ ऐसी बातें जो एक कोच बता सकते हैं वो मेरे पिताजी ने मुझे बताई."

हॉकी खेलने का रुझान राजपाल को स्कूल में ही हो गया था.

राजपाल कहते हैं, "जिस तरीके का पंजाब और चंडीगढ़ में माहौल था, चंडीगढ़ में ही मेरी पढ़ाई हुई है. स्कूल में ही मैंने हॉकी खेलनी शुरु की. मुझसे पहले मेरे बड़े भाई साहब, जो स्कूल की हॉकी टीम में थे उन्हें देखकर ही मैंने हॉकी खेलने की शुरुआत की."

खेलों की तैयारियाँ

टीम की तैयारियों पर राजपाल सिंह कहते हैं, "टीम की बहुत अच्छी तैयारियाँ चल रही हैं. अभी हम यूरोप की यात्रा से लौटे हैं, जहाँ पर टीम का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है."

राजपाल मानते हैं कि इस प्रदर्शन का फ़ायदा टीम को राष्ट्रमंडल खेलों में ज़रुर मिलेगा.

उनके अनुसार, "भले ही यूरोप की टीमें राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ना लेती हों लेकिन जिस तरीके के कड़े मुक़ाबले हमें वहाँ खेलने को मिले हैं उनका फ़ायदा हमें ज़रुर मिलेगा."

राजपाल सिंह मानते हैं कि हॉकी का माहौल बदला है पर वह कहते हैं कि असल बदलाव अभी बाक़ी है.

उनके मुताबिक़, "जब बचपन में हम हॉकी देखते थे- तब से आज में काफ़ी बदलाव आए हैं लेकिन असल बदलाव तो तब आएगा जब हम हॉकी को पुराने स्तर तक लेकर जाएँगे, जहाँ हमने आठ ओलंपिक स्वर्ण जीते थे."

दिल्ली में हुए हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा.

इस पर राजपाल सिंह कहते हैं, " विश्व कप में भले ही हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा पर ग़लतियाँ हर टीम से हर टूर्नामेंट में होती हैं और टीम वही उभरकर सामने आती है- जो उन्हें सुधार ले."

पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ की कमी भारतीय टीम में काफ़ी समय से महसूस की जा रही है.

पर राजपाल सिंह कहते हैं कि यूरोप दौरे पर संदीप सिंह का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में तुरुप का इक्का साबित होंगे.

तस्वीरें

  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह कहते हैं कि हॉकी विश्व कप के बाद टीम में काफ़ी सुधार हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि अबकी बार प्रदर्शन बेहतर होगा. (तस्वीर: एफ़आईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह आजकल चंडीगढ़ के सेक्टर 42 के स्टेडियम में अभ्यास में जुटे हुए हैं.
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह चंडीगढ के सेक्टर 42 के स्टेडियम में खेलने वाले अधिकतर बच्चों के हीरो हैं.
  • राजपाल सिंह
    ## हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम को दर्शकों का काफी समर्थन मिला था, राजपाल सिंह को उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों में भी खेल प्रेमी टीम का उत्साह बढ़ाएँगे. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम पाकिस्तान को हराने में कामयाब रही थी. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह यूरोप दौरे पर हुई तैयारियों से ख़ुश है. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)

कुछ खट्टा मीठा

राजपाल सिंह बताते है कि वह शुरुआत में अपने स्कूल की हॉकी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे.

उनके अनुसार, "शुरुआत में मैं स्कूल की हॉकी टीम में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था, लेकिन बाद में धीरे-धीरे हॉकी की ओर रुझान बढ़ता गया."

राजपाल को इस ओर परिवार से भी काफ़ी सहयोग मिला. राजपाल कहते हैं, "धीरे-धीरे परिवार का सहयोग भी बढ़ता गया. अच्छे तरीके से हॉकी खेलना शुरु किया तो बड़े भाई से भी ख़ूब प्रेरणा मिली."

ख़ाली समय में राजपाल सिंह को टीवी देखना और गाने सुनना पसंद है.

नज़र मेडल पर

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