नज़र मेडल पर:अचंता शरद कमल

परिचय

प्रस्तुति:पवन नारा

Achanta Sharat Kamal

अचंता शरद कमल टेबल टेनिस में भारत के नम्बर एक खिलाड़ी हैं.

इंडियन ऑयल के लिए खेलने वाले अचंता के परिवार में टेनिस खेलने की परंपरा रही है.

उनके पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधरन राव दोनों ही टेबल टेनिस खेलते थे और फ़िलहाल दोनों ही अचंता के निजी कोच हैं.

अचंता के बडे भाई भी टेबल टेनिस खेलते थे, पर कंधे की चोट की वजह से उन्हें खेल छोड़ना पड़ा. अब वो अचंता के लिए वीडियो विश्लेषक का काम करते हैं.

अचंता शरद कमल ने 2006 राष्ट्रमंडल खेलों मे टेबल टेनिस के दो स्वर्ण पदक जीते थे.

दक्षिण एशियाई खेलों मे भी अचंता ने 2006 मे चार स्वर्ण पदक जीते.

उसी साल उनको खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा गया.

अगस्त 2009 मे अचंता ने विश्व वरीयता मे 66वाँ स्थान हासिल किया, जो कि उनकी विश्व स्तर पर सबसे ऊँची रैंकिंग है.

खेलों की तैयारियाँ

Achanta Sharat Kamal

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को लेकर अचंता शरद कमल आश्वस्त है.

अचंता कहते हैं कि तैयारियाँ तो तभी शुरु हो गईं थीं जब चार साल पहले मेलबर्न में उन्होंने दो स्वर्ण जीते थे.

उनके अनुसार, "हमें पता था कि अगले राष्ट्रमंडल खेल दिल्ली में होने हैं और घरेलू दर्शकों के सामने हमें बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा." अचंता के मुताबिक़ खेलों की तैयारियों के लिए सरकार की ओर से भी काफ़ी सहयोग मिला है.

वह बताते हैं, "सरकार ने काफी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए टीम भेजा है और पैसे की कमी भी नहीं होने दी गई है."

ट्रेनिंग का ब्यौरा देते हुए अचंता कहते हैं, " हमने अपनी ट्रेनिंग चीन में की है, यूरोप में की है. साल भर से ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं.

अचंता शरद कमल राष्ट्रमंडल खेलों मे सिंगापुर की टीम को सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं, हालाँकि वो अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं.

तस्वीरें

  • अचंता शरद कमल
    अचंता शरद कमल ने 2006 राष्ट्रमंडल खेलों मे टेबल टेनिस के दो स्वर्ण स्वर्ण पदक जीते थे
  • अचंता शरद कमल
    2006 में उनको खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ा गया.
  • अचंता शरद कमल
    भले ही अचंता बचपन की इस तस्वीर में क्रिकेट बैट उठाए हुए हों, पर उनके परिवार में टेनिस खेलने की परंपरा रही है.
  • अचंता शरद कमल
    अंचता स्कूल में पढ़ाई में इतना ध्यान नहीं देते थे, वह कक्षा से ग़ैर हाज़िर रहते और पुस्तकालय पहुँच जाते.
  • अचंता शरद कमल
    अचंता राष्ट्रमंडल खेलों मे सिंगापुर की टीम को सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं.
  • अचंता शरद कमल
    अचंता के पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधरन राव दोनों ही टेबल टेनिस खेलते थे और फ़िलहाल दोनों ही अचंता के निजी कोच हैं.

कुछ खट्टी मीठी

एक अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अचंता के पिताजी उन्हें अपने ऑफ़िस ले गए.

ऑफ़िस में एक महिला अधिकारी ने उनसे पूछा, " खेल तो ठीक है पर ये बताओ कि तुम करते क्या हो?" इस पर अचंता ने जवाब दिया कि वो एक पेशेवर खिलाड़ी हैं.

ये जवाब पाकर भी उस अधिकारी ने अचंता को सलाह दी कि 'बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो, खेल ठीक है पर पढ़ाई से बढकर नहीं!'

ये वाक़या बताते हुए अचंता हँसने लगते हैं और कहते हैं कि आप समझ सकते हैं कि भारत मे खेल को लेकर आम राय क्या है.
इसके अलावा अंचता स्कूल में पढ़ाई में इतना ध्यान नहीं देते थे.

जब वो बारहवीं में पढ़ते थे तब वो अक़सर अपना गृहकार्य पूरा भी नहीं कर पाते थे. ऐसी सूरत में वो कक्षा से ग़ैर हाज़िर रहते और पुस्तकालय पहुँच जाते.पर उनकी अर्थशास्त्र की अध्यापिका उन्हे ढूँढ़ते हुए वहाँ भी पहुँच जाती थीं और उन्हे काफी डाँट पड़ती थी.

नज़र मेडल पर

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