भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया

वीरेंदर सहवाग
Image caption 100 गेंदों में 99 रन की पारी खेल अंत तक टिके रहनेवाले सहवाग और कप्तान धोनी

भारत ने श्रीलंका में त्रिकोणीय प्रतियोगिता के अपने दूसरे मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हरा दिया है.

श्रीलंका ने पहले खेलकर भारत के सामने जीतने के लिए 171 रन बनाने का लक्ष्य रखा था जिसे भारत ने आसानी से पूरा कर लिया.

भारत की ओर से वीरेंदर सहवाग ने 100 गेंदों पर शानदार 99 रन बनाए और अंत तक टिके रहे.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ प्रतियोगिता का ये मैच भारत के आत्मविश्वास के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण समझा जा रहा था.

दाम्बुला में हो रही त्रिकोणीय प्रतियोगिता के पहले मैच में भारत न्यूज़ीलैंड से 200 रनों के विशाल अंतर से शर्मनाक रूप से हार गया था.

मैच

दाम्बुला में प्रतियोगिता के तीसरे मैच श्रीलंका के कप्तान कुमारा संगकारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी.

Image caption प्रवीण कुमार ने आठ ओवर में केवल 20 रन देकर दो विकेट लिए

मगर पहले बल्लेबाज़ी करने का श्रीलंका का फ़ैसला बहुत सहायक साबित नहीं हुआ और श्रीलंका की पूरी टीम 46 ओवर और एक गेंद में केवल 170 रन का स्कोर खड़ा कर सकी.

श्रीलंका की ओर से तिलकरत्ने दिलशान के 45 और सूरज रनदीव के 43 रन के अतिरिक्त और कोई बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर नहीं कर सका.

भारत की ओर से प्रज्ञान ओझा को तीन, प्रवीण कुमार, ईशांत शर्मा और रवींद्र जडेजा को दो-दो और आशीष नेहरा को एक विकेट मिला.

प्रवीण कुमार ने सबसे किफ़ायती गेंदबाज़ी की और आठ ओवरों में केवव 20 रन दिए जिनमें दो मेडन थे.

जीत

भारत की शुरूआत ठीक-ठाक रही और सहवाग और दिनेश कार्तिक ने नवें ओवर में स्कोर को 30 रन तक पहुँचा दिया था जब आठ रन बनाकर कार्तिक आउट हो गए.

लेकिन कार्तिक के आउट होने के बाद भारत को जल्दी-जल्दी दो और झटके लगे जब विराट कोहली और रोहित शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन रवाना हो गए.

अच्छी शुरूआत के बाद भारत ने अपने पहले तीनों विकेट तीन रन के भीतर गँवा दिए.

कार्तिक 30 पर, कोहली 31 पर और रोहित शर्मा 32 पर आउट हुए.

मगर फिर सुरेश रैना ने सहवाग के साथ मिलकर पारी को संभाला और स्कोर को 91 रन तक पहुँचाया जब रैना 21 रन बनाकर आउट हो गए.

इसके बाद कप्तान धोनी और सहवाग ने मिलकर भारत को जीत के रास्ते तक पहुँचा दिया.

धोनी 23 रन पर और सहवाग 99 रन बनाकर जीत के समय तक विकेट पर टिके रहे.

शतक से चूकने के बारे में बाद में सहवाग ने कहा,"ये तो क्रिकेट में होता ही है, दूसरी टीम नहीं चाहती कि कोई उनके विरूद्ध शतक लगाए. पर मुझे फ़र्क नहीं पड़ता, वो चाहे 99 हो या 100."

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