संदीप सिंह हैं अहम

खेलों की तैयारियाँ

प्रस्तुति: पवन नारा

भारतीय हॉकी टीम आजकल राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए पुणे में पसीना बहा रही है. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले लय पकड़ने के लिए ये कैंप काफ़ी महत्त्वपूर्ण है. राजपाल सिंह टीम को एकजुट रखने के लिए प्रोत्साहन का सहारा लेते हैं. राजपाल कहते हैं "टीम में काफ़ी युवा खिलाड़ी हैं, उन्हें प्रोत्साहित करना बहुत ज़रुरी है."

उनका कहना है, "मैं किसी भी युवा खिलाड़ी पर कोई दबाव नहीं बनाता, जो काम प्यार से हो सकता है वो किसी और तरीके से नहीं हो सकता."

राजपाल सिंह मानते है कि इस तरह की सोच से टीम का महौल बेहतर बनाने में मदद मिलती है.

कोच देसी हो या विदेशी, महत्त्वपूर्ण ये है कि कोच समझाना क्या चाहते हैं और खिलाड़ी समझ क्या रहे हैं, और इस सब से महत्त्वपूर्ण ये कि मुक़ाबले के दौरान खिलाड़ी उसे अपने खेल में शामिल कर पाते हैं या नहीं

राजपाल सिंह

भारतीय टीम के पास आजकल होज़े ब्रासा के रूप में विदेशी कोच है. विदेशी कोच का मार्गदर्शन किस तरह से देसी कोच से अलग है?

राजपाल बताते हैं,"कोच देसी हो या विदेशी, महत्त्वपूर्ण ये है कि कोच समझाना क्या चाहते हैं और खिलाड़ी समझ क्या रहे हैं, और इस सब से महत्त्वपूर्ण ये कि मुक़ाबले के दौरान खिलाड़ी उसे अपने खेल में शामिल कर पाते हैं या नहीं."

कोच के योगदान पर हॉकी कप्तान कहते हैं, "जहाँ तक ब्रासा का सवाल है, उन्होंने हमें खेल की काफ़ी बारीकियाँ सिखाई हैं, और इन बारीकियों का हमें काफ़ी फ़ायदा होगा. बस ज़रुरत है कि हम सीखी गई बातों को मैदान पर अपने खेल में अच्छी तरह से लागू कर पाएँ."

संदीप है अहम

भारतीय टीम में पिछले कई वर्षों से एक पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ की कमी महसूस की जा रही है. इस पर राजपाल सिंह कहते हैं, "पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ के तौर पर संदीप सिंह टीम का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं, यूरोपीय दौरे पर भी संदीप सिंह का प्रदर्शन काफ़ी बेहतर रहा है. मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों मे भी वह बेहतर प्रदर्शन कर पाएँगे."

मेरे कप्तान राजपाल सिंह को मुझ से जो उम्मीदें हैं, मैं कोशिश करुँगा कि मै उन पर खरा उतरूँ

संदीप सिंह

संदीप सिंह को भी अपनी ज़िम्मेदारी का बख़ूबी अहसास है. संदीप सिंह कहते हैं, "मेरे कप्तान राजपाल सिंह को मुझ से जो उम्मीदें हैं, मैं कोशिश करुँगा कि मै उन पर खरा उतरूँ."

परिचय

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान राजपाल सिंह का जन्म आठ अगस्त 1983 को चंडीगढ़ में हुआ.

राजपाल सिंह के पिता सरदार हरपाल सिंह चंडीगढ़ पुलिस में अधिकारी रहे और उनकी माँ प्रकाश कौर गृहिणी हैं.

शुरुआती कोच के बारे में राजपाल सिंह कहते हैं, "मेरे शुरुआती कोच मेरे पिताजी ही रहे जिन्होंने हमेशा मुझे प्रेरित किया."

उनके अनुसार, "भले ही मेरे पिता जी ख़ुद हॉकी ना खेले हों पर उन्होंने बहुत हॉकी देखी है. कुछ ऐसी बातें जो एक कोच बता सकते हैं वो मेरे पिताजी ने मुझे बताई."

हॉकी खेलने का रुझान राजपाल को स्कूल में ही हो गया था.

राजपाल कहते हैं, "जिस तरीके का पंजाब और चंडीगढ़ में माहौल था, चंडीगढ़ में ही मेरी पढ़ाई हुई है. स्कूल में ही मैंने हॉकी खेलनी शुरु की. मुझसे पहले मेरे बड़े भाई साहब, जो स्कूल की हॉकी टीम में थे उन्हें देखकर ही मैंने हॉकी खेलने की शुरुआत की."

तस्वीरें

  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह कहते हैं कि हॉकी विश्व कप के बाद टीम में काफ़ी सुधार हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि अबकी बार प्रदर्शन बेहतर होगा. (तस्वीर: एफ़आईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह आजकल चंडीगढ़ के सेक्टर 42 के स्टेडियम में अभ्यास में जुटे हुए हैं.
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह चंडीगढ के सेक्टर 42 के स्टेडियम में खेलने वाले अधिकतर बच्चों के हीरो हैं.
  • राजपाल सिंह
    ## हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम को दर्शकों का काफी समर्थन मिला था, राजपाल सिंह को उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों में भी खेल प्रेमी टीम का उत्साह बढ़ाएँगे. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम पाकिस्तान को हराने में कामयाब रही थी. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)
  • राजपाल सिंह
    ## राजपाल सिंह यूरोप दौरे पर हुई तैयारियों से ख़ुश है. (तस्वीर: एफआईएच के सौजन्य से)

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