हॉकी टीम चयन का विवाद सुलझा

दो हॉकी संगठनों और राष्ट्रमंडल खेलों में टीम के चयन के अधिकार को लेकर चल रहे विवाद में आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा.

अब सुप्रीम कोर्ट ने यह तय किया है कि दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय हॉकी टीम का चयन भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन और हॉकी इंडिया करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी फ़ेडरेशन से मान्यता प्राप्त संस्था ही हॉकी टीम का चयन करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "हम अपने अंतरिम आदेश में यह निर्देश देते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम का चयन हॉकी इंडिया और भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन करेंगे."

मान्यता

हॉकी इंडिया को अंतरराष्ट्रीय हॉकी फ़ेडरेशन से मान्यता मिली हुई है. हॉकी इंडिया ने इस साल मार्च में विश्व कप का आयोजन भी कराया था और टीम का चयन भी किया था.

दो साल पहले भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उसे भंग कर दिया था. अंतरराष्ट्रीय हॉकी फ़ेडरेशन पहले ही पुरुष और महिला हॉकी फ़ेडरेशन का विलय न करने को लेकर भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन को निलंबित कर चुकी है.

लेकिन मामले में नाटकीय मोड़ उस समय आया जब हाई कोर्ट ने एक फ़ैसले में भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन को भंग करने के फ़ैसले को ग़लत ठहरा दिया.

खेल मंत्रालय ने भी आनन-फ़ानन में भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन को मान्यता दे दी और अंतरराष्ट्रीय हॉकी फ़ेडरेशन से कहा कि वो हॉकी इंडिया से निपटे.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में यह भी कहा है कि ये बड़ी दुख की बात है कि खेल के मामलों में अदालत को दखल देना पड़ रहा है.

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