सिर शर्म से झुक गया है: गिलानी

मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर
Image caption मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर शक के घेरे में हैं

पाकिस्तान के कुछ क्रिकेट खिलाड़ियों पर सट्टेबाज़ी में शामिल होने का आरोप लगने के बाद प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि इससे 'देश का सिर शर्म से झुक गया है'.

प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्होंने खेल मंत्रालय को इस मामले की जाँच करने के आदेश दिए हैं.

इस बीच ब्रिटेन की पुलिस ने रविवार को लॉर्ड्स में समाप्त हुए पाकिस्तान-इंग्लैंड टेस्ट मैच में कथित सट्टेबाज़ी के आरोपों की जाँच शुरु की है.

पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर एक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

एक ब्रितानी अख़बार 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' ने दावा किया है कि गुप्त तौर पर जाँच कर रहे उसके एक रिपोर्टर ने एक दलाल को एक लाख 30 हज़ार डॉलर दिए.

दलाल ने वादा किया कि निश्चित समय पर टेस्ट मैच में 'नो बॉल' फेंकी जाएँगी. ऐसी तीन 'नो बॉल' फेंकी गईं.

लॉर्ड्स टेस्ट में गुरुवार और शुक्रवार को मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ़ ने तीन 'नो-बॉल' फेंकीं थीं. अब यही तीन 'नो बॉल' शक के घेरे में हैं.

इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान पर एक पारी और 225 रनों की जीत दर्ज की है और इसके साथ ही उसे इसने इस सिरीज़ में 3-1 से जीत हासिल की है.

आजीवन प्रतिबंध का ख़तरा

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर सट्टेबाज़ी के जो आरोप लगे हैं उससे उन्हें सदमा लगा है और पीड़ा पहुँची है.

उन्होंने कहा, "इससे हमारा सिर शर्म से झुक गया है."

उन्होंने खेल मंत्रालय से इस मामले की जाँच करने को कहा है.

उधर खेल मंत्री इजाज़ जख़रानी ने कहा है कि यदि कोई खिलाड़ी दोषी पाया जाता है तो उस पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "हम कड़ी कार्रवाई करेंगे लेकिन पहले हम ब्रितानी पुलिस की जाँच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे, यदि इस रिपोर्ट में किसी को दोषी पाया जाता है तो हम ऐसी सज़ा देंगे जिससे दूसरे सबक सीख सकें."

उनका कहना है, "यदि यह साबित होता है कि कुछ ग़लत हुआ तो इसमें शामिल खिलाड़ियों को यह भूल जाना चाहिए कि वे पाकिस्तान के लिए कभी खेल सकेंगे."

'जीत की चमक छिन गई'

एक पारी और 225 रनों से टेस्ट मैच और 3-1 से सिरीज़ पर कब्ज़ा करने वाली इंग्लैंड की टीम के कप्तान एंड्र्यू स्ट्रॉस ने कहा है कि इन आरोपों ने उनकी टीम की जीत का चमक छीन ली.

उन्होंने कहा, "बहुत निराशा का माहौल है. क्रिकेट ग़लत कारणों से सुर्खियों में है."

स्ट्रॉस ने कहा, "मैं किसी आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता लेकिन यह तय है कि यह एक कठिन दिन था."

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ आगे खेले जाने वाले एकदिवसीय मैच और ट्वेंटी-20 सिरीज़ तयशुतदा कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे.

इंग्लैंड की टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा है जब भी किसी खिलाड़ी या टीम के खिलाफ़ इस तरह के गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो आशंका यही रहती है कि ये आगे भी हो सकता है.

वॉन ने इस के लिए जीवनपर्यंत पाबंदी लगाए जाने की हिमायत करते हुए कहा, "इस सीरीज़ में इस टीम पर पाबंदी लगाने के बारे में मेरा जवाब होगा, हां. क्यों कि जहां उनके ख़िलाफ़ जांच चल रही है वहाँ मैं नहीं समझता कि इन परिस्थितियों में आगे खेलने दिया जा सकता है. उधर इंगलैंड की टीम भी इन परिस्थितियों में आगे खेलना चाहेगी या नहीं ये भी जानना ज़रूरी होगा."

पाकिस्तान की टीम पर लगे आरोपों की जाचं जारी है लेकिन इस ख़बर ने जहां क्रिकेट की साख़ को ख़तरे में डाला है वहीं क्रिकेट प्रेमियों को भी काफी निराश और दुःखी किया है.

'किसी खिलाड़ी की गिरफ़्तारी नहीं'

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर यावर सईद ने ये तो माना कि आरोप काफ़ी गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि साबित नहीं होने तक ये सिर्फ़ आरोप हैं.

Image caption पाकिस्तानी टीम को अभी एक दिवसीय और ट्वेंटी-20 का सिरीज़ खेलना है

कप्तान सलमान बट्ट से इस बारे में जब सवाल किया गया तो उनका भी यही कहना था, "ये सिर्फ़ आरोप हैं. ऐसे तो कोई भी खड़े होकर किसी के बारे में कुछ भी कह सकता है."

सलमान बट्ट ने ये भी कहा कि जिन खिलाड़ियों का नाम लिया जा रहा है उनसे भी इस बारे में उनकी कोई बात नहीं हुई है.

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर यावर सईद ने इस बात की भी पुष्टि की कि स्कॉटलैंड यार्ड के जाँचकर्ताओं ने उन्हें मिला कर चार लोगों से इन आरोपों के सिलिसिले में बात की है और संबंधित बताए गए खिलाड़ियों के कमरों की तलाशी भी ली है.

उन्होंने ये भी कहा कि पुलिस ने कप्तान सलमान बट्ट और दो गंदेबाज़ों मोहम्म्द आमिर औऱ मोहम्म्द आसिफ के मोबाइल फ़ोन भी अपने क़ब्ज़े में ले लिए हैं.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) इंग्लैंड और वेल्श क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक संयुक्त बयान जारी करके स्पष्ट किया है कि किसी भी खिलाड़ी या टीम के अधिकारी को अभी गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

इस बयान में कहा गया है, "अब इस मामले की जाँच पुलिस कर रही है और आईसीसी, ईसीबी, पीसीबी और ग्राउंड प्रबंधन के अधिकारी अब इस बारे में कोई बयान नहीं देंगे."

पाकिस्तान के क्रिकेट पत्रकार शाहिद हाशमी ने बीबीसी को बताया की इन ख़बरों के बाद पाकिस्तान के लोगों में बेहद ग़ुस्सा और निराशा है.

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