निलंबन के लिए पर्याप्त आधार: आईसीसी

Image caption आईसीसी के प्रमुख लोर्गाट ने कहा कि निलंबन में पूरी प्रक्रिया का विधिवत पालन हुआ है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा है कि सट्टेबाज़ी के आरोपों में घिरे तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निलंबित करने के लिए "पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है और ऐसा करने का पर्याप्त आधार मौजूद है."

आईसीसी के प्रमुख हारुन लोर्गाट ने कहा, "हम पर बहुत दबाव था कि इन खिलाड़ियों के ऊपर कोई कार्रवाई क्यों नही की जा रही है लेकिन सच बात ये है कि हमने इस दबाव में आए बिना पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए पहले खिलाड़ियों पर अभियोग लगाए है और उसके बाद उन्हें निलंबित किया है."

इस बीच, आज लंदन में सट्टेबाज़ी के आरोपों में घिरे खिलाड़ियों से पुलिस पूछताछ कर रही है.

लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन में आईसीसी के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के प्रमुख सर रॉन फ्लैंगन ने कहा है कि पुलिस की जाँच अलग है और आईसीसी की अलग, "दोनों मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि आईसीसी पुलिस नहीं है."

जब पत्रकारों ने रॉन फ्लैंगन से पूछा कि क्या खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ पुलिस आपराधिक मामला चलाया जाएगा तो उन्होंने कहा, "इसका उत्तर देना ठीक नहीं होगा, यह पुलिस तय करेगी."

पूर्व पुलिस अधिकारी फ्लैंगन से पूछा गया कि इन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ क्या सबूत हैं तो उन्होंने कहा, "इस बारे में इससे अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती क्योंकि पुलिस एक आपराधिक मामले की तरह इसकी जाँच कर रही है."

नोटों के बंडल?

एक पत्रकार ने ये भी पूछा कि क्या इन खिलाड़ियों के कमरे से नोटों के बंडल बरामद होने की ख़बर सही है तो फ्लैंगन ने इसका जवाब देने से इनकार कर दिया, कई अख़बारों में ऐसी ख़बरें छपी हैं कि खिलाड़ियों के कमरे से नोटों को निशान लगे बंडल मिले हैं जिन्हें न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के रिपोर्टर ने मज़हर मजीद को दिया था.

हारुन लोर्गाट ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी की पूरी जाँच सिर्फ़ लॉर्ड्स टेस्ट में फेंके गए नो बॉल्स के मामले में ही है, अन्य आरोपों की जाँच आईसीसी नहीं कर रही है. उनका कहना था कि खेल में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने ये भी कहा कि "खेल की विश्वसनीयता पर शक नहीं करना चाहिए, आईसीसी इस तरह के आरोपों को बहुत गंभीरता से लेती है और हम नहीं मानते कि यह एक व्यापक समस्या है, ज्यादातर खिलाड़ी ईमानदारी से खेलते है."

इससे पहले ब्रिटेन में पाकिस्तानी उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निलंबित करने के फ़ैसले की निंदा की है. उनका कहना है कि जब पुलिस जाँच चल रही है तो आईसीसी को कार्रवाई करना उचित नहीं है.

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