हमने निर्णायक कार्रवाई की: हारून लोर्गाट

Image caption आईसीसी के प्रमुख लोर्गाट ने कहा कि निलंबन में प्रक्रिया का पालन हुआ है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गाट का कहना है कि उनका मानना है कि आईसीसी ने स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोपों से घिरे पाकिस्तान के खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ तेज़ और निर्णायक कार्रवाई की.

बीबीसी के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आईसीसी अपनी अनुशासन समिति में किसी क्रिकेट से जुड़े न रहे प्रतिनिधि को शामिल करके अपनी छवि सुधार सकती है.

ब्रितानी पुलिस ने शुक्रवार को पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों- सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर से कई घंटे पूछताछ की थी लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया.

इसके पहले आईसीसी ने इंग्लैंड-पाकिस्तान लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोपों का सामना कर रहे तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था.

आईसीसी ने ‘भ्रष्टाचार विरोधी नियमावली’ के तहत इन खिलाड़ियों पर कई आरोप तय किए हैं. निलंबन के बाद ये तीनों खिलाड़ी क्रिकेट मैच नहीं खेल सकेंगे.

स्पॉट फ़िक्सिंग

इंग्लैंड के अख़बार द न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान बट्ट, तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर पर आरोप लगे है कि उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में तय समय पर नो बॉल फेंके और इस जानकारी का सट्टेबाज़ों ने लाभ उठाया.

'स्पॉट फ़िक्सिंग' का ये आरोप इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चौथे टेस्ट में सामने आया.

इसके पहले पत्रकारों से बातचीत में आईसीसी प्रमुख ने कहा था कि यदि खिलाड़ियों पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो उन पर ताउम्र प्रतिबंध के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

हारून लोर्गाट का कहना था, " बात सीधी-सरल है. हम क्रिकेट में भष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमें निर्णायक होना होगा. यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो गंभीर परिणाम होंगे और ताउम्र प्रतिबंध भी लग सकता है."

इससे पहले पाकिस्तान टीम के मैनेजर ने ये घोषणा की थी कि कप्तान सलमान बट्ट समेत दो अन्य तेज़ गेंदबाज़ मौजूदा इंग्लैंड दौरे से बाहर रहेंगे.

लेकिन लंदन में पाकिस्तान के उपायुक्त वाजिद शमसुल हसन ने पत्रकारों से कहा कि उनके लिए ये सभी खिलाड़ी तब तक बेकसूर रहेंगे जब तक उन पर लगे आरोप साबित नहीं हो जाते.

संबंधित समाचार