शेरा भी हुआ अपने गीत का मालिक

राष्ट्रमंडल खेलों के शुभंकर जनाब शेरा को अब किसी और के लिए बनाई धुन पर थिरकने की ज़रूरत नहीं है. राष्ट्रमंडल खेलों से 23 दिन पहले शेरा के लिए उसका अलग गाना लॉन्च किया गया है.

दिल्ली में हुए एक समारोह में पूरी तड़क-भड़क के बीच गाना लोगों के सामने पेश किया गया. गीत को आवाज़ दी है शिबानी कश्यप, विक्रम साहनी और मिलिंद ने. शिबानी कई बॉलीवुड फ़िल्मों में गा चुकी हैं.

कॉमनवेल्थ खेलों का थीम सॉन्ग एआर रहमान कुछ दिन पहले लॉन्च कर चुके हैं जबकि दिल्ली के लिए भी थीम गाना बाज़ार में है. अब शेरा भी एक गाने का मालिक हो गया है.

मुख्यत पंजाबी धुन पर बने इस गीत पर शेरा ख़ूब झूमा. कार्यक्रम में मौजूद खेल मंत्री को गीत में रची-बसी पंजाब की खुशबू लगता है ज़्यादा ही पसंद आई. शायद इसीलिए उन्होंने अपना भाषण भी पंजाबी में दिया.

फ़ुटबॉल विश्व कप के समय आए वाका-वाका से खेल मंत्री ख़ासे प्रभावित हैं और राष्ट्रमंडल खेलों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि गीत-संगीत इस आयोजन में समां बाँधने में अहम भूमिका निभाएगा.

गीत के बोल कुछ इस तरह हैं...तू ते मेरी जान है शेरा, तू ते सबदा मान है शेरा, मैं तुझपे कुर्बान ओ शेरा, रब तेरा निगेबान ओ शेरा...चक दे शेरा, बल्ले शेरा.

पंजाब की ख़ुशबू

वाका-वाका को पसंद करने वाले एमएस गिल को कैसा लगा शेरा का गाना? उनका कहना था, “शेरा ओ शेरा गाना मुझे बहुत अच्छा लगा. इस गाने में जान है, तर्ज़ है, अच्छा संगीत है, लय है.”

वहीं गीत के गायक विक्रम साहनी ने कहा कि इस गाने में शेरा और खेलों की भावना को सुर और ताल का रूप देने की कोशिश की गई है.

उन्होंने बताया, “शेरा सच्चे भारतीय का प्रतिनिधित्व करता है. शेरा सकारात्मकता, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा का प्रतीक है. गीत में इसी भावना को पिरोया गया है. हमने ये गाना अपने देश के प्रति प्यार जताने के लिए बनाया है.”

शेरा का गाना एआर रहमान के गाने के बाद आया है और तुलना होना लाज़मी है. दोनों गानों की तुलना पर खेल मंत्री ने कहा, “शेरा का गाना मुझे अच्छा लगा. मैं कोई संगीत विशेषज्ञ नहीं हूँ. लोग रहमान का गीत पसंद करते हैं या शेरा का..ये फ़ैसला तो जनता को करना है.”

इस गीत की ख़ास बात ये है कि तीनों गायकों और संगीत देने वाले जीतू ने इस काम के लिए पैसे नहीं लिए हैं. टीम का कहना है कि संगीत की बिक्री और रॉयलिटी से होने वाली कमाई राष्ट्रीय खेल विकास फ़ंड को दे दी जाएगी.

ज़ाहिर है खेल मंत्री काफ़ी ख़ुश थे. जनता की कसौटी पर गाना कैसा उतरता है चंद दिनों में पता चल जाएगा. हालांकि ये चर्चा ज़रूर हो रही है कि अगर ये गीत कुछ समय पहले आता तो बात कुछ और ही होती.... लोगों के दिल तक उतरने में गीत को चंद दिनों को मोहलत और मिल जाती.

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