सुशील कुमार ने रचा इतिहास

सुशील कुमार

सुशील कुमार विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतनेवाले बहले भारतीय बन गए हैं

भारतीय पहलवान सुशील कुमार ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है.

ये पहली बार है कि किसी भारतीय ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप जीती है.

हरियाणा के रहनेवाले 27 साल के सुशील कुमार ने रूस के गोगायेव ऐलन को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता.

ये भारतीय कुश्ती का ही नहीं बल्कि विश्व कुश्ती का इतिहास है.ये लड़का मेरे पास 12 साल की उम्र में आया था.ये सुपर है.

गुरू सतपाल,सुशील कुमार के कोच

फ़ाइनल से पहले सुशील ने 66 किलोग्राम फ्रीस्टाइल श्रेणी के सेमीफ़ाइनल में अज़रबैजान के हसनोव जबराइल को हराया था.

फ़ाइनल तक पहुँचने के लिए सुशील कुमार ने ग्रीस, जर्मनी और मंगोलिया को शिकस्त दी.

चैंपियनशिप के फ़ाइनल तक पहुँचनेवाले सुशील एकमात्र भारतीय बचे थे.

भारत के बाक़ी सभी पहलवान इस चैंपियनशिप के फ़ाइनल से पहले ही बाहर हो गए थे.

सुशील कुमार के स्वर्ण पदक जीतने के तुरंत बाद बीबीसी से बातचीत में उनके कोच, गुरू सतपाल ने उन्हें बधाई दी और कहा कि " ये भारतीय कुश्ती का ही नहीं बल्कि विश्व कुश्ती का इतिहास है. ये लड़का मेरे पास 12 साल की उम्र में आया था. ये सुपर है."

गुरू सतपाल 1982 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं.

इससे पहले 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में सुशील कुमार ने कांस्य पदक जीता था.तब ओलंपिक्स में कांस्य पदक जीतनेवाले सुशील दूसरे भारतीय बने थे.

सुशील कुमार दिल्ली में होनेवाले राष्ट्रमंडल खेलों में भी हिस्सा लेनेवाले हैं.

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