'राष्ट्रमंडल खेल की सुरक्षा में सेंध'

सुरक्षा व्यवस्था

एक ऑस्ट्रेलियाई टीवी न्यूज़ चैनल 7-न्यूज़ ने दिल्ली में तीन अक्तूबर से शुरु हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा में सेंध दिखाने का दावा किया है.

टीवी चैनल 7-न्यूज़ की टीम का दावा है कि उसने कुछ दिनों पहले दिल्ली के आसपास आसानी से उपलब्ध विस्फोटक और डेटोनेशन किट को ख़रीदा.

चैनल के अनुसार उसके बाद उसने दिल्ली से कुछ ही दूर इस विस्फोटक को छोटे धमाके के ज़रिए टेस्ट किया और फिर आसानी से राष्ट्रमंडल खेल के एक स्टेडियम में उसका पत्रकार बिना रोकटोक घुस गया.

इस पूरे घटनाक्रम पर चैनल ने वीडियो बनाया है.

ग़ौरतलब है कि ये पूरी वीडियोग्राफ़ी लगभग दो हफ़्ते पहले की गई है और विभिन्न स्टेडियमों में सुरक्षा स्थिति अब काफ़ी कड़ी है.

हालाँकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कोई शरारती तत्व पहले से तैयारी कर, रिमोट से कुछ आपत्तिजनक हरकत कर रहे हों तो ख़तरनाक स्थिति पैदा हो सकती है.

'अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध'

7 न्यूज़ पर प्रसारित एक ख़बर में दिखाया गया है कि किस तरह उनकी टीम ने दिल्ली में बेचे जा रहे अमोनियम नाइट्रेट के बारे में गुपचुप वीडियो बनाया. इसके अलावा भी कुछ अन्य विस्फोटकों का ज़िक्र है, चाहे टीवी चैनल के रिपोर्टर ने ये नहीं बताया कि वो क्या हैं.

उन्होंने डेटोनेशन किट यानि धमाका करने का साज़ो-सामान बेचता एक सेल्समैन भी दिखाया है जो 7 न्यूज़ की ही टीम को एक रिमोट से काम करने वाला डिटोनेशन किट बेच रहा था.

उसकी ख़ासियत सेल्समैन ने ये बताई कि इस रिमोट कंट्रोल से किसी रेस्त्रां या अन्य इमारत की कार पार्किंग में धमाके तक किए जा सकते हैं.

7 न्यूज का दावा है कि उन्होंने उसी विस्फोटक रिमोट वाले सूटकेस को लिया और लगातार जानबूझकर राष्ट्रमंडल खेलों की मुख्य जगहों से गुज़रते रहे, ख़ासकर उन जगहों से जहाँ पर हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी खड़े थे.

बढ़ती चिंताएँ

उल्लेखनीय है कि हाल में दिल्ली के जामा मस्जिद इलाक़े में हुई फ़ायरिंग में दो पर्यटकों के घायल हो जाने की घटना के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है.

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाक़े में हुई गोलीबारी के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर पहले ही सवाल उठ रहे हैं. हालाँकि अधिकारी इस मसले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं.

गोलीबारी के बाद राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट ने पत्रकारों से कहा था कि सुरक्षा तगड़ी है और चिंता की कोई बात नहीं है.

न्यूज़ 7 की कहानी पर बीबीसी के सुरक्षा मामलों के सलाहकार कॉलिन परेरा का कहना है, "इसको लगभग दो हफ़्ते पहले फ़िल्माया गया और उस समय तक सुरक्षा व्यवस्था उतनी कड़ी नहीं थी क्योंकि स्टेडियम सौंपे नहीं गए थे. उस समय तक बड़े उपकरण अंदर बाहर जा रहे थे लेकिन अब आवाजाही प्रतिबंधित है और यहाँ तक कि प्रसारण उपकरण ले जाने में भी मुश्किल पेश आ रही है."

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