इंग्लैंड के खिलाड़ी खेल गाँव छोड़ होटल में रुके

बदहाल खेल गाँव

  • खेल गाँव की ये बीबीसी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं. इन्हें पिछले दो दिनों में लिया गया है. खेल गाँव खिलाड़ियों के लिए गुरुवार को खोल दिया जाएगा.
  • यह है खिलाड़ियों के लिए लगाए गए बिस्तरों का हाल है जिस पर आप कुत्तों के पैरों के निशान देख सकते हैं.
  • यह खेल गाँव के कमरों में बना बाथरूम जिसमें चारों और पान की पीकें फैली हुई है.
  • यह किसी रेलवे स्टेशन पर बना बाथरूम नहीं बल्कि खेल गाँव के फ्लैटों में बना बाथरूम है.
  • यह है खेल गाँव के एक अपार्टमेंट में जाने का रास्ता.
  • राष्ट्रमंडल खेल की आयोजन समिति ने दावा किया था कि बहुत जल्द ही खेल गाँव की कमियों को दूर कर लिया जाएगा लेकिन लगता है ऐसा हुआ नहीं हैं.
  • खेल गाँव में जगह-जगह बरसात का पानी फैला हुआ है.
  • इस तस्वीर को देखकर लगता है कि खेल गाँव अभी खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है.
  • लगता है कि खेल गाँव में निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है.
  • यह है खेल गाँव की सीढ़ियों का हाल.
  • खेल गाँव में आप बरसाती पानी को हर तरफ देख सकते हैं.
  • यहाँ पर चारो ओर पत्थर और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है.
  • मजदूर अभी भी खेल गाँव को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं.
  • खेल गाँव में बरसात के पानी का असर अभी भी देखा जा सकता है.
  • यह तस्वीर बता रही है कि अभी भी खेल गाँव के निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ है.

राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड का दल दिल्ली पहुँच गया है. लेकिन खिलाड़ी खेल गाँव के बजाए अभी होटल में रुके हैं.

दिल्ली पहुँचने वाली ये पहली विदेशी टीम है. खेलों में हिस्सा लेने वाला ब्रिट्रेन का सबसे बड़ा दल है.

इधर राष्ट्रमंडल खेलों के प्रमुख माइकल फ़ेनेल शुक्रवार को खेल गाँव का निरीक्षण कर रहे हैं जहाँ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के ठहरने का इंतज़ाम किया गया है.

इंग्लैंड के दल के प्रमुख एंड्र्यू फोस्टर ने बीबीसी को बताया कि खेल गाँव की स्थिति में भारी सुधार आया है.

उल्लेखनीय है कि खेल गाँव की स्थिति पर देश-विदेश में राष्ट्रमंडल खेल गाँव की स्थिति की हुई भारी आलोचना हुई थी.

बीबीसी को मिली खेल गाँव की एक्सक्लूसिव तस्वीरों ने वहाँ की ख़राब स्थिति को और उजागर किया था.

राष्ट्रमंडल खेलों के प्रमुख माइकल फ़ेनेल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात का समय माँगा था लेकिन उन्हें वक्त नहीं मिला.

दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्वर तेजिंदर खन्ना ने बीबीसी से बातचीत में इशारे में कहा कि प्रोटोकॉल का ख़्याल रखते हुए प्रधानमंत्री के लिए माइकल फ़ेनेल को मिलने का समय देना संभव नहीं होगा.

तेजेंदर खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर से कहा है कि वो शुक्रवार को माइकल फ़ेनेल से मिलें और उन्हें तैयारियों के बारे में जानकारी दें.

आपात बैठक

इसके पहले गुरुवार शाम को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक आपातकाल बैठक की थी.

भारतीय दल खेल गाँव पहुँच गया है

बैठक में कुछ केंद्रीय मंत्रियों के अलावा इस खेल के आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

तेजिंदर खन्ना ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि '' प्रधानमंत्री को राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें सूचित किया गया कि खेल सुविधाओं और गांव को अपेक्षित मानक का तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.''

लेफ्टिनेंट गवर्नर ने यकीन दिलाया कि मेहमानों की अगवानी और स्वागत भारत की आतिथ्य की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं के अनुसार किया जाएगा.

लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात थी कि आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी का बैठक में नहीं बुलाया गया जिससे इस बात की अटकलें लगाई जाने लगीं कि कहीं उन्हें दरकिनार तो नहीं किया जा रहा है.

सरगर्मी

भारतीय मीडिया में इस तरह की ख़बरें हैं कि प्रधानमंत्री सुरेश कलमाड़ी से काफ़ी नाराज़ हैं.

प्रधानमंत्री को राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें सूचित किया गया कि खेल सुविधाओं और गांव को अपेक्षित मानक का तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

तेजेंदर खन्ना, दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्नर

ये बैठक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के खेल गाँव को गंदा और न रहने योग्य बताए जाने के बाद हुई.

इस बैठक में शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी, खेल मंत्री एमएस गिल, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तेजिंदर खन्ना,मुख्यमंत्री शीला दीक्षित,कैबिनेट सचिव चंद्रशेखर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और गृह सचिव जीके पिल्लै शामिल हुए थे.

दूसरी ओर गुरुवार को पूरे दिन खेल गाँव सरगर्मी छाई रही, कभी सुरेश कलमाड़ी तो कभी दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित खेल गाँव का चक्कर लगाती रहीं.

इस बीच भारतीय एथलीटों का एक दल खेल गाँव पहुँच चुका है.

सुरेश कलमाड़ी का दावा है कि भारतीय एथलीट वहाँ की व्यवस्था से खुश होंगे और कोई भी टीम राष्ट्रमंडल खेलों से नहीं हटेगी.

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