कितने पदकों पर है भारत का दावा?

आज से शुरु हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में 6700 से ज्यादा एथलीट, 13 दिन तक चलने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में 272 स्वर्ण पदकों पर अपना दावा ठोकेंगे.

भारत की ओर से 619 खिलाड़ी पदकों की दौड में होगें.

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत अपनी घरेलू ज़मीन पर ज़्यादा से ज़्यादा पदकों पर निगाहें जमाए होगा. भारत सभी 17 प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा है.

2006 मे हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत 22 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 50 पदक हासिल कर चौथे स्थान पर रहा था.

इनमें सबसे ज़्यादा 16 स्वर्ण पदक भारत ने निशानेबाज़ी में जीते थे.

अबकी बार 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में भी निशानेबाज़ों पर ही भारतीयों की निगाहें टिकी होंगी.

हालांकि पिछली बार के सर्वश्रेष्ठ एथलीट समरेश जंग अबकी बार सिर्फ एक पदक पर ही निशाना लगाएंगे, पर समरेश को भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन पर पूरा भरोसा है.

निशानेबाज़ी में अभिनव बिंद्रा पदक के प्रमुख दावेदार है.

मुक्केबाज़ी में भी भारत का दावा मज़बूत है. मुक्केबाज़ी कोच गुरबक्स सिंह संधु को भरोसा है की भारत 6-7 पदक जीत सकता है.

विजेंन्दर सिंह भी लय मे हैं और अखिल कुमार का आक्रामक रुख कभी भी स्वर्ण पर मुक्का लगा सकता हैं. विजेंन्दर सिंह कहते है कि अबकी बार मुक्केबाज़ी में कई नए सितारे उभर सकते हैं.

कुश्ती में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करने के लिए काफी समय से संघर्ष करता रहा है. लेकिन पिछले दिनों सुशील कुमार के बेहतर प्रदर्शन ने लोगों मे फिर से कुश्ती से उम्मीदें जगा दी हैं.

सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त सोने के पदक के प्रमुख दावेदार हैं.

महिला कुश्ती और फ्रीस्टाईल कुश्ती को दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार जगह मिली है, जो भारत की पदक संख्या बढ़ाने में अहम साबित हो सकती है.

महिला वर्ग में अलका तोमर मज़बूत दावेदार है.

बैडमिंटन में विश्व की नम्बर तीन सायना नेहवाल का पदक दावा कैसे नकारा जा सकता है. वी दीजू और ज्वाला गट्टा की जोडी से भी खेल प्रेमियों को उम्मीदें होगी.

राष्ट्रमंडल खेलों में टेनिस को भी पहली बार शामिल किया गया है. ये खेल भारत को पदक तालिका में उपर ढकेल सकता है.

भारत की ओर से सानिया मिर्जा, सोमदेव देव बर्मन, रोहन बोपन्ना, लिंएडर पेस, महेश भूपति पदक के दावेदार है. और अगर इनके दावे हकीकत में बदलते है तो भारत अंक तालिका में पिछले बार के चौथे स्थान से आगे बढने में कामयाब हो सकता है.

एथलेटिक्स में 800 मीटर की धावक टींटू लुका, डिस्कस थ्रो में कृष्णा पुनिया, पुरुष वर्ण में डिस्कस थ्रो विकास गौडा और 4,400 की दौड़ में भारतीय खिलाडियों से पदक की उमीद की जा सकती है.

संबंधित समाचार