दावों और हक़ीकत में फ़र्क है: फ़ेनेल

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के प्रमुख माइकल फ़ेनेल का कहना है कि राष्ट्रमंडल खेलों में टिकटों की बिक्री के बारे में और पारदर्शिता बरती जानी चाहिए.

बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में माइकल फेनल ने कहा कि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है फिर भी मैदान से दर्शक नदारद हैं. आयोजन समिति ने शुक्रवार को दावा किया था कि गुरुवार को 55 हज़ार टिकटें बिकीं. इसके बावजूद सीटें खाली की खाली ही रही.

फ़ेनेल ने कहा, "टिकटों की बिक्री के बारे में और पारदर्शिता बरती जानी चाहिए. आयोजन समिति बहुत सारी टिकटें बेचने का दावा कर रही हैं. पर सच्चाई ये है कि सीटें खाली हैं. हक़ीकत और दावे में फर्क है."

हालांकि खेलों की सफ़लता को लेकर उन्होंने कहा कि खेल सफल हो रहे हैं और सब सुचारु रूप से चल रहा है.

फ़ेनेल ने कहा, "काफ़ी हद तक, खेल की सफलता को मैं खेल आयोजन से नापता हूँ. सभी प्रतियोगिताएं समय पर शुरु हो रही हैं और समय पर ही खत्म हो रही है. कोई खेल रद्द नहीं हुआ, तो ये अच्छी बात है."

सुरक्षा से प्रभावित

खेल शुरु होने से पहले दिल्ली की सुरक्षा को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं व्यक्त की गईं थीं. खेल शुरु हुए सात दिन हो चुके हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ ने सबको प्रभावित किया है.

माइकल फ़ेनेल ने सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ़ करने में भी कोई कंजूसी नहीं बरती.

उन्होंने कहा, "सुरक्षा इंतज़ाम बेहद प्रभावी है. जिस तरह के इंतज़ाम किए गए है, उन पर किसी को भी गर्व होगा. हम शुरुआत से ही कहते रहे हैं, सुरक्षा बेहद मज़बूत हाथों में है."

लेकिन जिस तरह से आयोजन समिति के दावों पर माइकल फ़ेनेल ने सवाल खड़े किए, उससे संकेत साफ़ है कि राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति पर माइकल फ़ेनेल को अब भी भरोसा कम ही है.

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