100 मीटर दौड़ विजेता ड्रग टेस्ट में फ़ेल

ओसायेमी ओलुदामोला
Image caption ओसायेमी ओलुदामोला अगर टेस्ट में विफल रहीं तो उनका पदक छिन जाएगा

राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 100 मीटर फ़र्राटा दौड़ की स्वर्ण पदक विजेता नाइजीरिया की ओसायेमी ओलुदामोला ड्रग टेस्ट में विफल हो गई हैं.

खेल महासंघ के अध्यक्ष माइक फ़ेनेल ने कहा कि ओलुदामोला ने अब 'बी' सैंपल यानी दूसरे नमूने के भी परीक्षण की माँग की है. इस बारे में सोमवार शाम को सुनवाई होगी.

नाइजीरियाई धावक को ऑस्ट्रेलियाई सैली पियर्सन का स्वर्ण पदक छिन जाने के बाद राष्ट्रमंडल चैंपियन घोषित किया गया था.

पियर्सन पर समय से पहले ही दौड़ शुरू करने के आरोपों की जाँच हुई थी और उसके बाद उनका स्वर्ण छिना था.

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में सामने आया ये पहला प्रतिबंधित दवाओं का मामला है.

उनके नमूने में प्रतिबंधित मिथाइलहेक्सानिमाइन पाया गया है और दुनिया में खेलों में प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल पर नज़र रखने वाली संस्था वाडा ने हाल ही में इसे अपनी सूची में जोड़ा है.

अगर इस टेस्ट की पुष्टि हो जाती है तो इंग्लैंड की कैथरीन एंडाकॉट को रजत पदक मिल जाएगा.

मगर जब तक सुनवाई नहीं हो जाती तब तक पदकों के बारे में कोई फ़ैसला नहीं होगा.

अभी सेंट विंसेंट ऐंड द ग्रेनांडिस की नताशा मायर्स रजत पदक विजेता हैं और अगर उन्हें स्वर्ण पदक मिलता है तो उनके देश को राष्ट्रमंडल खेलों में आज तक मिला ये दूसरा स्वर्ण पदक होगा.

अब प्रतिबंधित दवा के इस्तेमाल की पुष्टि हो जाती है तो एथलीट पर तीन महीने का प्रतिबंध लगेगा और उनका पदक छीन लिया जाएगा.

इस बारे में फ़ेनेल ने कहा, "कोई भी अगर प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल का दोषी पाया जाएगा फिर वो चाहे किसी प्रतिष्ठित मुक़ाबले में हो या नहीं, उस पर हम सबको बहुत अफ़सोस होगा क्योंकि हम सब चाहते हैं कि खेल साफ़-सुथरे ढंग से आयोजित हों."

आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट ने कहा, "हम प्रतिबंधित दवाओं से रहित खेल चाहते हैं. अगर कोई इसमें पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी और संदेश ये है कि कोई भी बचेगा नहीं."

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