निशानेबाज़ों ने दिलाया 31वां स्वर्ण

राष्ट्रमंडल खेलों के नौवें दिन भारत ने निशानेबाज़ी में एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए हैं.

भारत कुल 31 स्वर्ण जीत चुका है. राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का ये अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन है. वर्ष 2002 में मैनचेस्टर में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को कुल 30 स्वर्ण मिले थे.

31वां स्वर्ण पदक 10 मीटर एयर पिस्टल पेयर में अन्नूराज सिंह और हिना सिद्दू को मिला. जबकि 50 मीटर राइफ़ल प्रोन महिला एकल शूटिंग में तेजस्विनी सावंत ने रजत पदक जीता.

वहीं समरेश जंग और चंद्रशेखर की जोड़ी ने 25 मीटर स्ट्रैंडर्ड पिस्टल पेयर प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया.

भारत अब तक कुल 31 स्वर्ण जीत चुका है.

भारत के सौम्यदीप रॉय मंगलवार को हुए मुकाबले में जीत के बाद टेबल टेनिस एकल के सेमीफाइनल मे पहुंच गए हैं. टेबल टेनिस में महिला डबल्स में पालोमी घटक और मोमा दास ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है. शरथ कमल भी शाम को यमुना स्पोर्ट कॉम्पलेक्स में खेलेंगे.

बैडमिंटन में साइना नेहवाल पहले ही सेमीफ़ाइनल में जगह बना चुकी है. जबकि पुरुष एकल मुकाबले में चेतन आनंद और पी कश्यप भी बैडमिंटन के सेमीफ़ाइनल में पहुँच चुके हैं.

सानिया मंगलवार शाम को सेमीफ़ाइनल मैच खेलेंगी जबकि एथलेक्टिस में मनदीप कौर समेत चार भारतीय खिलाड़ी मैदान पर होंगे.

शाम को भारतीय पुरुष हॉकी टीम का मुकाबला इंग्लैंड से होगा. स्कॉश में भारत की दीपिका और सौरव घोषाल का भी मुकाबला है.

आठवां दिन

आठवें दिन सोमवार को भारत की कृष्णा पुनिया ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था. ये इस राष्ट्रमंडल में भारत का 30वाँ स्वर्ण था.डिस्कस थ्रो के तीन पदक भारतीय महिलाओं को मिले. कृष्णा पुनिया को स्वर्ण, हरवंत कौर को रजत और सीमा एंटिल को कांस्य पदक मिला.

भारत को आठवें दिन निशानेबाज़ी और बॉक्सिंग में चार कांस्य पदक मिले. तेजस्विनी सांवत और मीना कुमारी की जोड़ी ने 50मीटर राइफ़ल प्रोन पेयर्स में कांस्य पदक हासिल किया था.जबकि अमनदीप सिंह को मुक्केबाज़ी की लाइट फ्लाइवेट श्रेणी में कांस्य पदक मिला.

भारत को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा था जब विजेंदर अपना मुक़ाबला हार गए. सेमी फ़ाइनल में फ़ाउल के कारण उनके प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को दो अंक मिल गए और इस कारण विजेंदर 3-4 से मैच हार गए. उन्हें भी कांस्य से संतोष करना पड़ा.

मुक्केबाज़ी टीम ने विजेंदर के ख़िलाफ़ अंक देने के फ़ैसले का आधिकारिक विरोध किया, लेकिन उनकी अपील ठुकरा दी गई. अब मुक्केबाज़ी में सुरंजॉय और मनोज कुमार से भारत को पदक की उम्मीद है. दोनों अपना-अपना मैच जीतकर फ़ाइनल में पहुँचे.

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