सर्कस निपटा अब जाँच करो: अय्यर

मणिशंकर अय्यर
Image caption मणिशंकर अय्यर ने उम्मीद जताई कि अब 'खेलों में हुई ग़लतियों की जांच' होगी.

राष्ट्रमंडल खेलों पर कई सवाल उठाने वाले पूर्व केंद्रीय खेलमंत्री मणिशंकर अय्यर ने उम्मीद जताई है कि अब जब खेल समाप्त हो गए हैं तो सरकार इन खेलों में हुई ग़लतियों की जांच करेगी.

बीबीसी संवाददाता अनुराधा प्रीतम को अय्यर ने टेलीफ़ोन पर दिए एक इंटरव्यू में कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा है कि खेल ख़त्म होते ही जो ग़लतियां हुईं हैं...जो ख़ामियां रहीं हैं, उनकी जांच की जाएगी और यदि किसी किस्म का भ्रष्टाचार हुआ होगा तो उसको सामने लाएंगे और सख़्त दंड दिया जाएगा. मैं उम्मीद रखता हूं कि अब जबकि ये सर्कस ख़त्म हो चुका है जांच शुरु हो जाए”

मणिशंकर खेलों के कटु आलोचक रहे हैं और खेल शुरु होने से पहले उन्होंने आयोजन समिति पर कई तल्ख़ बयान दिए थे.

खेलों की कामयाबी के बारे में पूछे जाने पर मणिशंकर अय्यर ने कहा, “आप 400 करोड़ आतिशबाज़ी पर ख़र्च करें तो आतिशबाज़ी सही होगी. मेरा ऐतराज़ ये नहीं था कि वो कर नहीं पाएंगे. मैंने कहा था कि आख़िरी समय पर लीपापोती होगी और फिर एक दूसरे की पीठ थपथपाएंगे. और मुझे अब भी डर है कि वे कहेंगे कि एक हद तक खेल सही रहे इसलिए ओलंपिक खेलों के लिए भी कोशिश करनी चाहिए. और फिर हज़ारों करोड़ का ख़र्चा होगा. ”

उन्होंने कहा कि बड़े खेल आयोजनों के हिमायती चाहेंगे कि 77 प्रतिशत जनता की उपेक्षा होती रहे और मध्यम वर्ग के मंनोरंजन के लिए, उनके शब्दों में ये ‘सर्कस’ रचा जाए.

अय्यर ने कहा कि खेलों पर ख़र्च 70 हज़ार करोड़ रुपए में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का चार साल का ख़र्च निकल सकता था.

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