जाँच समिति को मिले व्यापक अधिकार

दिल्ली राष्ट्रमंडल

केंद्र सरकार ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में गड़बड़ी की जाँच के लिए गठित वीके शुंगलू समिति का कार्यक्षेत्र तय कर दिया है.

सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस समिति को व्यापक अधिकार दिए हैं ताकि राष्ट्रमंडल खेलों में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जाँच की जा सके.

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव शांतनु कॉन्सुल को इस उच्चस्तरीय समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है.

ये समिति प्रबंधन में कमज़ोरी, कथित गबन, अनियमितता, अपव्यय और राष्ट्रमंडल खेलों को दौरान हुए अन्य ग़लत कामों की जाँच करेगी.

कार्यक्षेत्र तय

जाँच के अलावा ये समिति कार्रवाई के लिए सरकार को सिफ़ारिश भी करेगी. 15 अक्तूबर को गठित इस समिति के लिए 10 सूत्री कार्यक्षेत्र तय किया गया है.

दिल्ली में तीन से 14 अक्तूबर तक राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था. राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के सिलसिले में आयोजन समिति और अन्य सरकारी एजेंसियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे.

ये समिति मेज़बान शहर के क़रार पर हस्ताक्षर करने वालों की भूमिका और ज़िम्मेदारी की भी जाँच करेगी. साथ ही समिति मेज़बान शहर क़रार के अधीन तय की गई शर्तों के असर की भी पड़ताल करेगी.

इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेलों की विकास परियोजनाओं की तैयारी और कार्यान्वयन, अन्य सेवाओं के अनुबंध की भी जाँच करेगी. जाँच में परियोजनाओं में लगे समय, ख़र्च और गुणवत्ता को भी आधार बनाया जाएगा.

समिति के कार्यक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय सलाहकारों और आयोजन समिति के अधिकारियों की भूमिका की जाँच भी शामिल होगी.

राष्ट्रमंडल खेलों के कारण शहर की बुनियादी सुविधाओं पर कितना असर पड़ा, खेलों की बुनियादी कितनी सुधरी और खेलों के विकास पर इसका कितना प्रभाव पड़ा, इसका भी आकलन किया जाएगा.

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