ब्लैकबर्न क्लब का भारतीय अधिग्रहण

ब्लैकबर्न रोवर्स
Image caption अगर ये सौदा हो जाता है तो किसी भारतीय कंपनी की ओर से इंग्लिश प्रीमियर लीग की टीम का ये पहला अधिग्रहण होगा

इंग्लिश प्रीमियर लीग फ़ुटबॉल के क्लब ब्लैकबर्न रोवर्स को अब एक भारतीय कंपनी ख़रीदने जा रही है.

मुर्गीपालन से जुड़ी कंपनी वेंकीज़ के अगले महीने तक इस क्लब का अधिग्रहण कर लेने की संभावना है.

अगर ये सौदा हो जाता है तो प्रीमियर लीग फ़ुटबॉल का कोई क्लब ख़रीदने वाली ये पहली भारतीय कंपनी हो जाएगी.

वेंकीज़ ग्रुप की प्रमुख अनुराधा देसाई का एक बयान ब्लैकबर्न की वेबसाइट पर लगा है. इसके अनुसार, "हम प्रीमियर लीग की कोई टीम ख़रीदने वाली पहली भारतीय कंपनी होने की उम्मीद कर रहे हैं."

वहीं रोवर्स के चेयरमैन जॉन विलियम्स ने उम्मीद जताई है कि नवंबर में ये सौदा पूरा हो जाएगा.

वेंकीज़ ग्रुप की वेबसाइट के मुताबिक़ 1976 में स्थापित हुई ये कंपनी पहले वेस्टर्न हैचरीज़ लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी और उत्तर भारत में मुर्गीपालन के क्षेत्र में काम करती थी.

ब्लैकबर्न

ब्लैकबर्न रोवर्स की टीम अभी प्रीमियर लीग की तालिका में 20 टीमों में 17वें नंबर पर है.

मगर इस सीज़न में लगातार ख़राब प्रदर्शन कर रही लिवरपूल की टीम उससे एक स्थान नीचे है.

तालिका में तीन टीमों के अंक बराबर हैं मगर गोल अंतर के आधार पर फ़ुलहम 16वें, ब्लैकबर्न 17वें और लिवरपूल 18वें नंबर पर है.

ब्लैकबर्न ने अब तक कुल नौ मैच खेले हैं जिनमें से घरेलू मैदान पर चार और बाहर जाकर पाँच हैं.

घरेलू मैदान पर हुए चार मैचों में ब्लैकबर्न को एक में जीत और एक में हार मिली है जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे थे.

वहीं बाहर जाकर खेले गए पाँच मैचों में ब्लैकर्न को एक में जीत और तीन में हार मिली है और एक मैच ड्रॉ रहा था.

बीते रविवार को लिवरपूल ने ब्लैकबर्न को 2-1 से हरा दिया था.

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