प्रीति ज़िंटा भी जाएंगी कोर्ट की शरण में

प्रीति ज़िंटा ने आईपीएल की टीम किंग्स एलेवन के साथ क़रार ख़त्म करने के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के फ़ैसले को क़ानूनी चुनौती देने की घोषणा की है.

किंग्स एलेवन की प्रमुख शेयर होल्डर प्रीति ज़िंटा ने लंदन में बीबीसी से एक विशेष बातचीत में बीसीसीआई के फ़ैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

उन्होंने कहा, "मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूँ लेकिन अब ये मामला अदालत में जाने वाला है, मेरे वकीलों ने मुझसे कहा है कि मैं अपने विचार फिलहाल अपने तक ही रखूँ क्योंकि यह न्यायिक मामला है. मैंने उनकी बात मान ली है."

प्रीति ज़िंटा कहती हैं कि इस फ़ैसले से किंग्स एलेवन के प्रशंसक बहुत आहत हुए हैं.

उन्होंने कहा, "उत्तर भारत के नौजवान बहुत नाराज़ और दुखी हैं, उन्होंने कई जगह प्रदर्शन किए, पुतले जलाए. एक-दो बार तो वे बहुत उग्र हो गए, मेरे पास छात्र नेताओं के फ़ोन आ रहे थे, मैंने उन सब लोगों को शांति बनाए रखने को कहा है."

कोई चिंता नहीं

उन्होंने विश्वास जताया कि सब ठीक हो जाएगा.

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि किसी काम को करने के दो ही तरीक़े होते हैं, सही तरीक़ा और ग़लत तरीक़ा. जब तक आप सही तरीक़े से काम करते हैं कोई आपको नहीं रोक सकता, बाधाएँ आ सकती हैं. मैं थोड़ी परेशान ज़रूर हूँ लेकिन अपने दिल में मुझे कोई आशंका नहीं है, चिंता करने वाली कोई बात ही नहीं है, यह आसान नहीं होगा, यह क़ानूनी लड़ाई है जो चलेगी."

ग़ौरतलब है कि राजस्थान रॉयल्स की ओर से पहले ही इस मामले में मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है.

कुछ दिन पहले मुंबई में आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की आपातकालीन बैठक हुई थी. इसमें राजस्थान रॉयल्स और किंग्स एलेवन पंजाब की टीमों की फ़्रेंचाइज़ी कंपनियों के साथ क़रार ख़त्म कर दिया गया था.

ये कहा गया था कि क़ानूनी सलाह के आधार पर राजस्थान रॉयल्स और किंग्स एलेवन पंजाब के साथ समझौतों को रद्द किया जा रहा है क्योंकि इन दो टीमों ने 'बीसीसीआई के साथ हुए समझौतों का उल्लंघन' किया है.

29 सितंबर को इन तीनों फ्रेंचाइज़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

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