भारतीय कंपनियों की राह खुली

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने ट्वेन्टी-20 की नई प्रतियोगिता में छोटे पैमाने पर निजी कंपनियों के निवेश की इजाज़त दे दी है जिससे भारतीय कंपनियों के वहाँ पैसा लगाने की संभावना खुल गई है.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने बोर्ड की एक बैठक के बाद बताया कि नई प्रतियोगिता का नाम 'बिग बैश लीग' होगा जो दिसंबर-जनवरी 2011-12 में शुरू करने की योजना है.

सदरलैंड ने बताया, "जहाँ तक इन टीमों में निवेश का सवाल है तो बोर्ड ने छोटे स्तर पर निवेश की इजाज़त दे ही और इसका ब्यौरा आने वाले हफ़्तों में दिया जाएगा."

दरअसल भारत की ओर से कई निवेशक सिडनी या मेलबर्न जैसी टीमों में निवेश करना चाहते हैं.

इसमें शुरुआती तौर पर मौजूदा छह राज्यों के क्रिकेट संघों की टीमें शामिल होंगी मगर वो सभी शहरों के नामों से जानी जाएँगी और इसमें दो नई टीमें जोड़ने की भी योजना है. इन टीमों के बारे में अभी फ़ैसला नहीं हुआ है.

ट्वेन्टी-20 क्रिकेट वाली प्रतियोगिता भारत में इंडियन प्रीमियर लीग के रूप में काफ़ी हिट रही है और उसमें बड़े पैमाने पर उद्योगपतियों और जानी-मानी हस्तियों का पैसा भी लगा है.

'आईपीएल से मुक़ाबला नहीं'

मगर सदरलैंड कहते हैं कि वह इस लीग को आईपीएल के मुक़ाबले के तौर पर नहीं देखते, "हम अपने आपको आईपीएल के प्रतियोगी के तौर पर नहीं देखते. ऑस्ट्रेलिया जैसे छोटे बाज़ार में ये आईपीएल जैसा तो नहीं होगा मगर ये लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी और यहाँ जीतने वाली टीम चैंपियंस लीग में हिस्सा लेगी."

इस लीग में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के हिस्सा लेने के बारे में उन्होंने कहा कि उन खिलाड़ियों की वैसे ही टीम के लिए काफ़ी प्रतिबद्धताएँ रहती हैं मगर फिर भी सदरलैंड ने उम्मीद ज़ाहिर की कि खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले पाएँगे.

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता पर पूरी तरह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का नियंत्रण रहेगा.

उनका कहना था कि अभी शुरुआती तौर पर हर टीम सात या आठ मैच खेलेगी और जब प्रतियोगिता बढ़ेगी तो चार से पाँच वर्षों में ये 10 टीमों की प्रतियोगिता भी हो सकती है.

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