एशियाड उदघाटन समारोह शुरू

Image caption ग्वांगज़ो शहर को काफ़ी सजाया गया है एशियाड के लिए.

दक्षिणी शहर ग्वांगजो में 16वें एशियाई खेलों के आयोजन के साथ ही चीन एक बार फिर इस क्षेत्र की खेल महाशक्ति के रूप में ख़ुद को पेश करने के लिए तैयार है.

दो साल पहले ही बीजिंग में ओलंपिक खेलों के आयोजन के बाद चीन के लिए ये आयोजन इतना मुश्किल नहीं था और उसका सबूत यहाँ की तैयारियाँ दिखा रही हैं.

अब तक के सबसे बड़े एशियाई खेलों में 45 देशों के लगभग 12 हज़ार एथलीट्स और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.

शहर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है जबकि पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के हज़ारों जवान इस काम में लगे हैं.

सुरक्षा पर इतना ज़ोर है कि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उदघाटन समारोह वाले स्टेडियम के इर्द-गिर्द के लोगों को घर छोड़कर चले जाने के लिए कहा गया है.

उदघाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए एथलीट्स हाइशिनसा द्वीप पर बने मुख्य स्टेडियम में नावों के ज़रिए पहुंचे हैं.

जू जियाँग या पर्ल रिवर उस नदी का नाम है जिसमें से होकर उन एथलीट्स की नावें मुख्य आयोजन स्थल तक पहुँचीं मगर स्थानीय लोगों को उस क्षेत्र से दूर ही रहने के लिए कहा गया है.

उदघाटन समारोह

Image caption बसों पर दिखाया जा रहा है कि इन खेलों से ग्वांगजो में ज़िदगी और बेहतर होगी.

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ सहित एशियाई देशों के कई प्रमुख नेता उदघाटन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे हैं और उसे ध्यान में रखते हुए भी सुरक्षा कड़ी रखी गई है.

उदघाटन समारोह के दौरान एक बार फिर ख़ूबसूरती के साथ आतिशबाज़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

भारत का ध्वज इन खेलों में निशानेबाज़ गगन नारंग थामेंगे, हालाँकि उदघाटन के एक दिन पहले ही इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी क्योंकि गगन को उदघाटन के अगले ही दिन यानी शनिवार को मुक़ाबले में उतरना है और निशानेबाज़ी के कोच सनी टॉमस ने कहा था कि इससे नारंग को परेशानी हो सकती है.

भारतीय ओलंपिक संघ के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने इस बारे में बताया था कि अगर गगन ध्वज वाहक नहीं हुए तो ये सम्मान साइना नेहवाल को दिया जाएगा. मगर बाद में गगन ने ही ध्वज उठाने का फ़ैसला किया और उदघाटन समारोह में एथलीट्स की परेड के तुरंत बाद गगन को वापस खेल गाँव लाने की व्यवस्था की जा रही है.

एशियाई खेलों के आयोजन की तैयारियाँ काफ़ी पहले ही पूरी कर ली गईं थीं जिसके तहत स्टेडियम और खेल गाँव आयोजन समिति को सौंप दिए गए. उसके बाद से आयोजकों का ध्यान लोगों के बीच इस आयोजन को लेकर उत्साह पैदा करने में रहा है.

इसी का नतीजा है कि शहर में जगह-जगह एशियाई खेलों के होर्डिंग और बोर्ड लगे दिख रहे हैं.

भाषा की परेशानी

इन खेलों के लिए कुल 53 स्टेडियमों का इस्तेमाल होगा जिनमें से 12 पूरी तरह नए बनाए गए हैं.

आयोजन समिति का दावा है कि खेलों के दौरान 50 हज़ार से ज़्यादा वॉलंटियर्स लोगों की मदद करने के लिए होंगे मगर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को भाषा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा है.

Image caption एक पोस्टर में दिखाया जा रहा है कि एशियाड खेलों के शुरू होने में अब बस शून्य दिन बाकी रह गया है !

चीन के लगातार आठवीं बार एशियाई खेलों की पदक तालिका में सबसे ऊपर रहने की संभावना है. दोहा एशियाई खेलों में 2006 में चीन ने 165 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में सर्वोच्च स्थान लिया था.

दूसरे स्थान के लिए दक्षिण कोरिया और जापान भिड़ेंगे. वैसे सभी देश इन खेलों के ज़रिए लंदन में 2012 में होने वाले ओलंपिक की तैयारियों में लगे हैं.

भारत को पिछले एशियाई खेलों में 10 स्वर्ण सहित कुल 53 पदक मिले थे और वह पदक तालिका में आठवें स्थान पर था. मगर राष्ट्रमंडल खेलों में एथलीट्स के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन पर यहाँ भी अच्छे प्रदर्शन का दबाव है.

इन खेलों में पहली बार क्रिकेट को भी शामिल किया गया है और ट्वेन्टी-20 के रूप में क्रिकेट यहाँ खेला जाना है मगर भारत के इसमें हिस्सा नहीं लेने और पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की ओर से अपेक्षाकृत जूनियर टीम के आने से इस खेल को धक्का लगा है.

इसी का नतीजा है कि अगली बार दक्षिण कोरिया के इंचियॉन में 2014 में आयोजित होने वाले एशियाड से क्रिकेट को बाहर रखने का प्रस्ताव है.

एशियाड 27 नवंबर तक चलेंगे और इस दौरान 42 खेलों में 476 स्वर्ण पदकों का फ़ैसला होना है.

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