शाकाहारी खाना और सुचारु यातायात

गगन नारंग
Image caption खेलों के दौरान मिल रहे शाकाहारी खाने से संतुष्ट नहीं गगन नारंग.

चीन में शुद्ध शाकाहारियों और भारतीय खाने का स्वाद रखने वालों के लिए काफ़ी मुश्किलें हैं. मैं ख़ुद तो इस मसले से दो चार हो ही रहा हूँ निशानेबाज़ गगन नारंग ने भी इस बारे में शिकायत की.

गगन नारंग से 10 मीटर एयर राइफ़ल स्पर्द्धा के बाद एक चीनी पत्रकार साक्षात्कार ले रही थी.

उसने जैसे ही पूछा कि यहाँ कि तैयारियों के बारे में आपका क्या कहना है गगन ने कहा, “तैयारियाँ सब अच्छी हैं, सुविधाएँ भी अच्छी हैं मगर आपके यहाँ खाने की दिक़्क़त है. शाकाहारियों के लिए अच्छा खाना नहीं है.”

दरअसल यहाँ खाने पीने के लिए जो शाकाहारी चीज़ें उपलब्ध भी हैं उनका स्वाद इतना अलग है कि वो भारतीय खाना पसंद करने वालों को नहीं भाना स्वाभाविक है. कई पत्रकार भी इसका दुखड़ा रोते दिख जाते हैं.

कुछ तो भारत से नूडल्स या पैक्ड फ़ूड लाए भी हैं मगर उसको गर्म कहाँ करें क्योंकि ख़ुद से बनाने की तो कोई व्यवस्था यहाँ है ही नहीं.

मुस्कुराते चेहरे

अगर आप कभी भी खेलों का पदक समारोह देखें जहाँ खिलाड़ियों को पदक दिया जा रहा है तो अगर अब तक ग़ौर न किया हो तो आस-पास खड़ी चीनी बालाओं को देखिएगा.

ऐसा लगता है कि उन्हें प्रशिक्षण में ये भी कहा गया है कि ख़बरदार अगर चेहरे से एक मिनट के लिए भी मुस्कुराहट ग़ायब हुई.

ये बालाएँ जब पदक या फूलों के गुच्छे लेकर कमरों से निकलती हैं तब से लेकर वापसी तक उनके चेहरे पर एक ही जैसी खिली हुई मुस्कुराहट बरक़रार रहती है. ऐसा लगता है मानो किसी ने उनके चेहरे पर वो मुस्कुराहट चिपका दी हो.

लोग कहाँ हैं

Image caption सबसे अधिक आबादी वाले देश में सड़कों पर ख़ास भीड़ नहीं दिख रही.

चीन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और भारत उसका तेज़ी से पीछा कर रहा है. भारत से आने वाले लोग यही सोचकर आते हैं कि भारत की ही तरह सड़कों पर भीड़ होगी लोग ही लोग नज़र आएँगे मगर यहाँ आकर वो सोच ग़लत साबित हुई.

न तो सड़कों पर ऐसी कोई भीड़ दिख रही है और न ही गाड़ियों का काफ़िला.

अभी ये पता नहीं चल पाया है कि शहर में लोग हैं ही कम या उन्हें पर्यटकों के आने की संभावना को देखते हुए शहर से जाने के लिए कहा गया है या फिर जैसे दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बहुत से दिल्लीवासी इस डर से शहर से बाहर घूमने चले गए थे कि इतनी भीड़ में मुश्किलें बढ़ जाएँगी कुछ वैसा ही यहाँ भी तो नहीं हुआ है.

सुचारु यातायात

वैसे गाड़ियों का बात चली तो बताते चलें कि खेलों के दौरान यहाँ सड़कों पर गाड़ियों का यातायात सुचारु रूप से रखने के लिए एक अलग सी व्यवस्था की गई है.

शहर में एक दिन आपको सिर्फ़ सम संख्या वाले नंबर प्लेटों की गाड़ियाँ ही दिखेंगी तो अगले दिन विषम संख्या वाले नंबर प्लेटों की.

यानी एक दिन अगर आपको 0, 2, 4, 6, 8 के नंबर प्लेटों वाली गाड़ी दिखेंगी तो अगले दिन 1, 3, 5, 7 के नंबर प्लेटों वाली. ये व्यवस्था निजी वाहनों के लिए की गई है.

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