'एशियाड में क्रिकेट का भविष्य ख़तरे में'

क्रिकेट
Image caption अगले एशियाड खेलों में क्रिकेट से किनारा करने का फ़ैसला किया गया है.

एशियाड में क्रिकेट काफ़ी धूमधाम से शामिल तो हुआ मगर भारत के टीम नहीं भेजने और क्षेत्र की बाक़ी क्रिकेट महाशक्तियों के भी इसे अहमियत नहीं देने से अब एशियाड में क्रिकेट का भविष्य खतरे में है.

इसे लेकर एशियाई ओलंपिक परिषद की महासभा में काफ़ी खींचतान हुई है. अगले एशियाई खेल दक्षिण कोरिया के इंचियॉन में होने हैं और परिषद कह चुकी है कि मौजूदा 42 खेलों की जगह अगली बार से 35 खेल ही एशियाड में होंगे.

ऐसे में इंचियॉन के खेल आयोजकों ने झटपट क्रिकेट से किनारा करने का फ़ैसला कर लिया.

एशियाड से ग़ायब

वे अगले आयोजन में ओलंपिक में होने वाले खेलों के अलावा बेसबॉल, बोलिंग, कबड्डी, सेपकटाकरा, सॉफ़्टबॉल, स्क्वाश और वुशु को ही रखना चाहते हैं.

इसका मतलब ये हुआ कि क्रिकेट अगली बार से एशियाड से ग़ायब हो जाएगा मगर एशियाई ओलंपिक परिषद में भी क्रिकेट के चाहने वाले कुछ ऐसे लोग हैं जो क्रिकेट को बाहर होते नहीं देखना चाहते.

इसी का नतीजा था कि परिषद की ओर से क्रिकेट और कराटे को खेलों में रखने का सुझाव दिया गया.

मगर बात कुछ बनी नहीं और अब इस पर चर्चा अगले महीने ओमान के मस्कत में होने वाली एशियाई ओलंपिक परिषद की कार्यकारिणी की बैठक में होगी.

परिषद का कहना है कि क्रिकेट को एशियाड में रखा जाना चाहिए क्योंकि इसके दर्शकों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है जबकि कराटे एशिया से ही निकला है और विश्व स्तर पर उसकी पहचान बनी है.

ख़र्चीला

महासभा ने अब परिषद के अध्यक्ष शेख़ अहमद अल-फ़हद अल-सबाह को इंचियॉन की आयोजन समिति से इस बारे में चर्चा जारी रखने को कहा है जिससे इन मसलों का हल निकल सके.

इंचियॉन के आयोजकों का ये भी कहना है कि उनके देश में तो क्रिकेट की कोई संस्था भी नहीं है ऐसे में इस खेल का आयोजन और उसके लिए स्टेडियम तैयार करने का कोई तुक नहीं होगा और ये काफ़ी ख़र्चीला भी बैठेगा.

मगर परिषद में शामिल भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के सदस्य अपनी बात मनवाना चाह रहे हैं

परिषद के उपाध्यक्ष और पाकिस्तान ओलंपिक महासंघ के प्रमुख सैयद आरिफ़ हसन ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा था कि वो आगे चलकर क्रिकेट के कैलेंडर के साथ तालमेल बैठाना चाहते हैं जिससे इन खेलों में क्रिकेट की मुख्य टीमें आ सकें.

क्रिकेट का कार्यक्रम काफ़ी लंबे समय के लिए तय होता है इसलिए कोशिश एशियाई क्रिकेट परिषद के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने की है.

भागीदारी

भारत ने ग्वांगजो में पुरुष या महिला कोई भी टीम नहीं भेजी है जबकि पाकिस्तान की टीम अभी दक्षिण अफ़्रीक़ा के विरुद्ध खेल रही है और श्रीलंका की भी वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध शृंखला आ रही है.

ऐसे में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की दूसरे दर्जे की टीमें ही यहाँ हिस्सा ले रही हैं.

ग्वांगजो में क्रिकेट को शामिल किए जाने के बाद चीन ने इस खेल के लिए अपनी महिला टीम का भारत में और पुरुष टीम का पाकिस्तान में अभ्यास कराया.

चीन की महिला टीम ने तो अच्छा प्रदर्शन शुरू भी कर दिया जबकि उन्होंने पहले मैच में अफ़ग़ानिस्तान को हराया.

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