सोमदेव को स्वर्ण, हॉकी में हार

भारत की मंगलवार को जितनी ज़ोरदार शुरुआत हुई थी, दिन का अंत उतना ही निराशाजनक रहा जबकि उसे कुल एक स्वर्ण और दो काँस्य पदक मिले.

सोमदेव देवबर्मन और कज़ाख़स्तान के डेनिस इस्टोमिन के बीच टेनिस में पुरुष के एकल का फ़ाइनल था.

अंदाज़ा था कि मुक़ाबला कड़ा होगा, मगर सोमदेव ने एकतरफ़ा तरीक़े से मैच 6-1, 6-2 से जीत लिया और इसी के साथ स्वर्ण पदक भारत की झोली में आ गया.

सोमदेव ने पुरुष युगल में भी सनम कृष्ण सिंह के साथ भारत के लिए स्वर्ण जीता था.

पदक जीतने के बाद सोमदेव ने कहा, “भारत के लिए तीन मुक़ाबलों में से दो में स्वर्ण पदक जीतना अविश्वसनीय है.”

उनका कहना था, “मुझे ख़ुद को इस पर भरोसा करने में समय लगेगा. जब आप तिरंगे को ऊपर चढ़ता हुआ देखते हैं और देश के लोगों को आप पर गर्व होता है तो काफ़ी ख़ुशी होती है.”

हॉकी में हार

मंगलवार को पुरुष हॉकी के सेमीफ़ाइनल होने थे. पहला सेमीफ़ाइनल पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच था.

पाकिस्तान ने पहले गोल करके बढ़त ली मगर खेल के 39वें मिनट में कोरिया ने स्कोर बराबर कर दिया. इसके बाद अतिरिक्त समय में भी गोल नहीं हो सका.

पेनल्टी शूटआउट में भी दोनों ही टीमें तीन-तीन गोल कर सकीं. इसके बाद हुए सडेन डेथ में पाकिस्तान ने तो गोल कर लिया और फिर पाकिस्तान के गोलकीपर सलमान अकबर ने बेहतरीन बचाव करके पाकिस्तान को फ़ाइनल की राह दिखा दी.

इसके बाद भारत का सेमीफ़ाइनल में मुक़ाबला मलेशिया से था.

मलेशिया ने भारत के विरुद्ध 32वें मिनट में गोल किया मगर संदीप सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को 35वें मिनट में गोल में डालकर स्कोर बराबर कर दिया.

दूसरे हाफ़ में भारत ने 37वें मिनट में गोल करके बढ़त ली मगर 49वें मिनट में मलेशिया ने फिर स्कोर बराबर कर दिया.

भारत की ओर से कप्तान राजपाल सिंह ने 54वें मिनट में गोल करके स्कोर 3-2 कर दिया मगर खेल समाप्त होने से सिर्फ़ तीन मिनट पहले मलेशिया ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में डाल दिया.

अतिरिक्त समय में पहले गोल करने वाली टीम को जीत मिलनी थी और पाँचवें मिनट में ही मलेशिया ने एक बार फिर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में डालने में कोई ग़लती नहीं की.

अन्य मुक़ाबले

इसके अलावा तीरंदाज़ी में भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने वाली दीपिका कुमारी सेमीफ़ाइनल में दक्षिण कोरिया और फिर काँस्य पदक के मैच में उत्तर कोरिया की प्रतिद्वन्द्वी से हार गईं.

कबड्डी में भारतीय पुरुष टीम ने ईरान की टीम को हरा दिया जबकि महिला टीम को नेपाल पर वॉकओवर मिल गया.

धर्मेंद्र दलाल से भारत को कुश्ती में पदक की उम्मीद थी मगर वो पूरी नहीं हुई जबकि दूसरे पहलवान विनोद कुमार भी हार गए.

एथलेटिक्स में राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को डिस्कस थ्रो में स्वर्ण दिलाने वाली कृष्णा पूनिया को यहाँ काँस्य से संतोष करना पड़ा.

उन्होंने 61.94 मीटर दूर डिस्कस फेंकी जबकि स्वर्ण जीतने वाली चीनी यी यैनफ़ेंग ने 66.18 मीटर दूर.

वहीं महिलाओं की हेप्टाथलन स्पर्द्धा में प्रमिला गणपति ने भारत को काँस्य पदक दिलाया.

पुरुषों और महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में भी भारत को निराशा ही हाथ लगी.इस बीच पुरुषों और महिलाओं की चार गुणा सौ मीटर रिले दौड़ में भारतीय टीम अगले दौर में पहुँच गई है.

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