भारत ने रचा इतिहास

भारतीय रिले टीम

भारत ने एशियाई खेलों में वर्ष 1982 में हुए एशियाई खेलों के प्रदर्शन को पीछे छोड़कर एक नया इतिहास रच दिया है.

एशियाई खेलों में अबतक भारत ने 64 पदक जीत लिए हैं. भारत ने वर्ष 1982 की खेलों में 57 पदक जीते थे.

ग्वांगज़ू खेलों में भारत ने अबतक 14 स्वर्ण, 17 रजत और 33 कांस्य पदक जीत लिए हैं.

इनमें पुरूषों ने नौ स्वर्ण, 11 रजत और 21 कांस्य पदक जीते हैं.

भारतीय महिलाओं ने पांच स्वर्ण चार रजत और 11 कांस्य पदक जीते हैं. भारत को दो रजत पदक और एक कांस्य पदक महिला-पुरुष के मिश्रित मुक़ाबलों में मिले हैं.

भारत इस समय पदक तालिक में छठे स्थान पर पहुंच गया है.

कबड्डी में दबदबा

पुरुष
स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
9 11 21 41
महिलाएं
स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
5 4 21 30

भारतीय दल के प्रदर्शन में महिला और पुरूष कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना योगदान दिया.

भारत को एशियाई खेलों में 13वां पदक दिलाया महिलाओं की 4X400 रिले दौड़ में.

कबड्डी टीमों को अपने फ़ाइनल मुक़ाबले जीतने में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ी लेकिन महिलाओं को पांच हज़ार मीटर रेस में प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत जी जान लगाकर दौंड़ी और रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया.

Image caption बॉक्सिंग में विजेंदर 75 किलोग्राम में स्वर्ण पदक हासिल किया.

भारत को रोलरस्पोर्ट्स में कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन पहले अनुप कुमार यामा ने फ़्री स्केटिंग की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता और फिर अवानी पंचाल के साथ मिलकर स्केटिंग के युगल मुक़ाबलों में एक और कांस्य पदक भारत के नाम किया.

मुक्केबाज़ी

मुक्केबाज़ी में संतोष कुमार विरोठू 64 किलोग्राम वर्ग में कज़ाख़स्तान के दानियार येलेउसिनोव से हारकर रजत पदक से ही संतुष्ठ होना पड़ा.

बीजिंग ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता विजेंदर ने 75 किलोग्राम वर्ग में उज़बेकिस्तान के अब्बोस अतोएव को हराकर भारत को 14वां स्वर्ण पदक दिलाया है.

मुक्केबाज़ी में इसके बाद भारत की ओर से रिंग में उतरे 91 किलोग्राम वर्ग में मनप्रीत सिंह. लेकिन मनप्रीत सिंह सीरिया के मुक्केबाज़ मोहम्मद घोसोन सामने टिक नहीं पाए और उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा.

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