क़तर में जश्न, ओबामा ने फ़ैसला ग़लत बताया

क़तर में जश्न

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा के 2022 के विश्व कप की मेज़बानी अमरीका को न देकर क़तर को देने के फ़ैसले की आलोचना की है. दूसरी ओर फ़ैसले के बाद क़तर में जश्न का माहौल है.

जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति ओबामा से इस बारे में उनकी राय जाननी चाही तो उनका जवाब था,''मैं मानता हूँ कि ये फ़ैसला ग़लत है.''

साथ ही उन्होंने कहा कि वो इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इस बार अमरीकी फ़ुटबॉल टीम फ़ाइनल में पहुँचेगी.

वर्ष 2018 में विश्व कप की मेज़बानी के दावेदार ब्रिटेन ने भी इस फ़ैसले की आलोचना की और कहा है कि फ़ीफ़ा ने अपना वादा तोड़ा है.

दूसरी ओर इस घोषणा के बाद क़तर में जश्न का माहौल है.

हज़ारों की संख्या में क़तर के लोग और वहाँ स्थित विभिन्न एशियाई देशों के कामगार दोहा में झंडे और वुवुज़ेला लिए हुए सड़कों पर निकल आए.

ये पहली बार है कि मध्य पूर्व के किसी देश को फ़ुटबॉल विश्व कप की मेज़बानी का मौक़ा दिया गया है.

क़तर में जश्न

क़तर की ओलंपिक कमेटी के प्रमुख का कहना था कि उनके देश में विश्व कप के आयोजन से पूरे मध्यपूर्व में फ़ुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा.

Image caption क़तर के अमीर विश्व कप मेज़बानी स्वीकार करते हुए

रूस के 2018 के विश्व कप आयोजन की घोषणा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री पुतिन ने कहा कि वो फ़ीफ़ा के मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के शहर ज्यूरिख़ जाकर संस्था को धन्यवाद ज्ञापन करेंगे.

उनका कहना था कि इस फ़ैसले से पता चलता है फ़ीफ़ा को रूस पर भरोसा है, लेकिन उन्होंने माना कि अभी बहुत काम किया जाना बाक़ी है.

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा ने घोषणा की थी कि वर्ष 2018 के फ़ुटबॉल विश्व कप की मेज़बानी रूस करेगा जबकि 2022 में ये मौका क़तर को मिलेगा.

ज़्यादातर देशों के राष्ट्र अध्यक्ष अपने-अपने देशों के दावे को और मज़ूबत करने के लिए ज़्यूरिख आए थे लेकिन रूस के प्रधानमंत्री पुतिन यहाँ नहीं पहुँचे थे.

फ़ीफ़ा में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पुतिन ये कहते आए हैं कि फ़ीफ़ा ग़लत प्रचार का शिकार हुआ है और उसे अपना काम करने देना चाहिए.

दावेदार

फ़ीफ़ा के सदस्यों ने गुरुवार को मेज़बानी को लेकर मतदान किया था. विश्व कप के लिए नौ देशों ने दावा किया था.

2018 में होने वाले वर्ल्ड कप की मेज़बानी के लिए नीदरलैंड-बेल्जियम, स्पेन-पुर्तगाल, रूस और इंग्लैंड के बीच होड़ थी.

2022 के लिए अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और क़तर सरीखे देशों ने दावा पेश किया था.

2018 में होने वाले वर्ल्ड कप की मेज़बानी के प्रतियोगी देशों के पास फ़ीफ़ा की 22 सदस्यीय टीम को राज़ी करने के लिए 30 मिनट का समय था.

दोनों ही वर्ल्ड कप के लिए मतदान गुप्त तरीके से हुआ.

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