कोच्चि टीम की क़िस्मत का फ़ैसला आज

चियर गर्ल्स, आईपीएल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption आईपीएल कुछ ही वर्षों में बड़ा कारोबार बन गया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में आज आईपीएल की फ़्रेंचाइज़ी कोच्चि टीम की क़िस्मत का फ़ैसला हो सकता है.

नव-निर्मित और आईपीएल की दूसरी सबसे महंगी टीम कोच्चि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शामिल होने के साथ ही विवादों में घिर गई है.

उनके मालिकाना हक़ को लेकर विवाद बना हुआ है.

कोच्चि के बारे में आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को नागपुर में पिछले रविवार को हुई बैठक में फ़ैसला करना था लेकिन बैठक के बाद घोषणा की गई कि कोच्चि आईपीएल के मालिकों को आम सहमति बनाने के लिए और समय दिया जा रहा है और इस मामले में अंतिम निर्णय पाँच दिसंबर को होगा.

इससे पहले कोच्चि आईपीएल को अंदरूनी मसले निबटाने के लिए अंतिम तौर में 30 दिनों का नोटिस दिया गया था.

ग़ौरतलब है कि आईपीएल कुछ ही वर्षों में अरबों डॉलर का व्यापार बन चुका है और इसमें शामिल भ्रष्टाचार के आरोपों के नतीजे में एक केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और आईपीएल के सूत्रधार ललित मोदी को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

विवाद

Image caption प्रिटी ज़िंटा की टीम किंग्स एलेव का मामला अदालत में है.

कोच्चि में विवाद ये है कि इसके निवेशक एंकर अर्थ, पारिनी डेवलपर्स, रोज़ी ब्लू और फ़िल्म वेव के पास 74 प्रितशत शेयर है जबकि बाक़ी 26 प्रतिशत गायकवाड़ परिवार के पास हैं.

ये 26 प्रतिशत शेयर रेंदावू स्पोर्ट्स के मालिकों ने यानि गायकवाड़ परिवार ने बोली लगाने में अपनी सेवा के बदले मुफ़्त में हासिल किया है. लेकिन कोच्चि में निवेश करने वाले किसी हाल में गायकवाड़ परिवार को ये मुफ़्त शेयर देने के हक़ में नहीं हैं.

आईपीएल से किंग्स एलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स को निकाला जा चुका है और मामला अदालत में है. अगर कोच्चि अपने मामले को नहीं सुलझा पाती है तो आईपीएल में सिर्फ़ सात टीमें ही बच जाएंगी.

जनवरी में आईपीएल के खिलाड़ियों की नीलामी होनी है और क्रिकेट विश्व कप के बाद आईपीएल टूर्नामेंट का आयोजन होने वाला है.

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