आख़िरकार तय हुई राष्ट्रीय खेलों की तिथि

दीपिका कुमारी
Image caption राष्ट्रमंडल खेलों में चमकने वाली युवा खिलाड़ी दीपिका कुमारी झारखंड से हैं.

झारखंड में 34वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. झारखण्ड सरकार ने 12 से 26 फ़रवरी के बीच राष्ट्रीय खेल कराने का निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा नें इसकी औपचारिक घोषणा शनिवार देर रात रांची में की. वर्ष 2007 के बाद राष्ट्रीय खेलों को छह बार टाला जा चूका है. चार बार झारखण्ड में खेलों के लिए आधारभूत ढांचें के अभाव में और दो बार चुनाव की वजह से.

बीबीसी से बात करते हुए अर्जुन मुंडा नें कहा, "हमने बैठक करके समीक्षा की और फ़ैसला किया की राष्ट्रीय खेल फ़रवरी 12 से 26 तक कराए जाएंगे. विभिन्न खेलों के आयोजन के लिए हम तैयार हैं. सारी आधारभूत संरचना तैयार कर ली गयी है. इस बार इनको टाला नहीं जाएगा."

इन खेलों का आयोजन झारखण्ड में मुख्यतः तीन शहरों में किया जाएगा. राजधानी रांची के अलावा ओद्यौगिक नगरी जमशेदपुर और कोयला नगरी धनबाद में इन खेलों का आयोजन होगा.

मुंडा का कहना है कि सिर्फ़ घुडसवारी के लिए अभी आयोजन स्थल पूरी तरह बन नहीं पाया है मगर खेलों के आयोजन तक इसे पूरा कर लिया जाएगा.

पिछले राष्ट्रीय खेल गुवाहाटी में 2007 में आयोजित किये गए थे. उसके बाद झारखण्ड को इसकी मेजबानी मिली थी. लेकिन क्योंकि झारखण्ड नया राज्य था इस लिए यहाँ आधारभूत संरचना की कमी थी.

सरकार नें इन खेलों के आयोजन के लिए 600 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया था. मगर झारखण्ड में राजनितिक अस्थिरता के कारण खेल स्थलों के निर्माण का काम काफी धीमी गति से चलता रहा.

अनियमितताओं के आरोप

इसके बाद राष्ट्रीय खेल की आयोजन समिति पर अनियमितताओं के आरोप लगे. इस मामले कि जांच का काम पहले राज्य की अपराध अनुसन्धान शाखा को दिया गया मगर अब इसे सतर्कता विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है.

टेंडर और सामान की ख़रीद में अनियमितता के मामले में झारखण्ड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरके आनंद, महासचिव सैय्यद मतलूब हाश्मी और कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक को इस मामले में आरोपी बनाया गया है.

अर्जुन मुंडा नें कहा, "सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ सख़्त है. भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हमारा उद्देश्य है कि बार-बार स्थगित हो रहे राष्ट्रीय खेलों को सुचारू ढंग से आयोजित किया जाए. इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोपों की सघन जांच होगी."

बहरहाल 12 फ़रबरी से होने वाले राष्ट्रीय खेलों को लेकर झारखण्ड के खिलाड़ी और लोग काफी उत्साहित हैं.

हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रकुल खेल और एशियाई खेलों के बाद राज्य के लोग चाहते हैं कि झारखण्ड में भी राष्ट्रीय खेलों का आयोजन एक यादगार लम्हा बन जाए.

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