इमरान के मुताबिक़ भारत प्रबल दावेदार

इमरान ख़ान
Image caption इमरान भारत को क्रिकेट विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार मानते हैं

पाकिस्तान क्रिकेट टीम को 1992 में विश्व कप दिलाने वाले कप्तान इमरान ख़ान मानते हैं कि भारत इस बार विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार है.

आगामी फ़रवरी में होने वाले विश्व कप से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे इमरान ने कहा, "भारत के फ़ॉर्म को देखते हुए, उनकी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी की मज़बूती को देखते हुए वो ही सबसे प्रबल दावेदार टीम है. इसके अलावा उसे घरेलू स्थितियों का भी फ़ायदा होगा."

इसी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भारत के लगातार क्रिकेट खेलने पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे में खिलाड़ियों को चोट लगने का डर ज़्यादा होता है.

मगर इमरान उनकी इस राय से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते. उनका कहना था, "मैं मानता हूँ कि अगर आगामी दक्षिण अफ़्रीका दौरा भारत के लिए कड़ा रहे तो उसे फ़ायदा होगा क्योंकि मैं उन लोगों में से नहीं हूँ जो ये मानते हैं कि विश्व कप से पहले टीम को ज़्यादा मैच नहीं खेलने चाहिए."

इमरान का कहना था कि विश्व कप से पहले कोई टीम जितना कड़ा मुक़ाबला झेलती है उसे विश्व कप में उतना ही फ़ायदा होता है.

इमरान ने कहा, "जहाँ तक चोट का सवाल है तो वो तो कभी भी लग सकती है. मैंने 1992 के विश्व कप से पहले काफ़ी अभ्यास किया था और मैं पूरी तरह फ़िट भी था मगर विश्व कप शुरू होने से ठीक दो दिन पहले नेट पर अभ्यास करते हुए मुझे चोट लग गई थी, इसलिए चोट आपको कभी भी लग सकती है."

पाकिस्तान का संकट

उनके अनुसार चोट की चिंता किए बिना खिलाड़ी को सबसे अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए और मज़बूत से मज़बूत टीमों के विरुद्ध मैच खेलना चाहिए.

पाकिस्तान क्रिकेट की चर्चा करते हुए इमरान का कहना था कि पाकिस्तान क्रिकेट देश की ही तरह सबसे बुरे संकट का सामना कर रहा है.

मगर साथ ही इमरान का मानना था कि पाकिस्तानी टीम के बारे में कोई भविष्यवाणी करना मुश्किल है क्योंकि अगर कोई जोड़ी अचानक अच्छा प्रदर्शन कर गई तो कुछ भी हो सकता है.

उन्होंने कहा, "एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ पता नहीं रहता अगर शाहिद अफ़रीदी ने दो-तीन अच्छी पारियाँ खेल लीं तो कुछ पता नहीं, कुछ भी हो सकता है."

वेस्टइंडीज़ दौरा

इमरान ने बताया कि 1987 में उन्होंने ये सोचते हुए क्रिकेट से संन्यास ले लिया था उन्होंने क्रिकेट से सबकुछ हासिल कर लिया है और अब आगे बढ़ने का समय है मगर अचानक तय किए गए वेस्टइंडीज़ के दौरे ने उन्हें वापसी करने को मजबूर किया.

इमरान मानते हैं कि वेस्टइंडीज़ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन टीम रही है और उसके विरुद्ध वेस्टइंडीज़ में ही जाकर खेलना एक कड़ी चुनौती थी.

Image caption इमरान ने संन्यास लेने के बाद वापसी की और पाकिस्तान को विश्व कप दिलाया

उन्होंने कहा, "मैंने ब्रैडमैन को तो खेलते हुए देखा नहीं और मैं मानता हूँ कि वेस्टइंडीज़ के पास दुनिया का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ था और वो थे विवियन रिचर्ड्स."

इसके अलावा इमरान ने कहा कि वेस्टइंडीज़ के पास ग्रीनिज और जेफ़ डुजाँ जैसे बल्लेबाज़ भी थे.

ऐसे में वेस्टइंडीज़ को वहीं जाकर हराने की मंशा से 1992 के विश्व कप से पहले पाकिस्तानी टीम उस दौरे पर गई थी.

इमरान ने बताया, "हम वो सिरीज़ जीत तो नहीं सके मगर हम हारकर नहीं लौटे. वैसे तो पाकिस्तान के लिए 1992 का क्रिकेट विश्व कप जीतना ही सबसे अहम क्षण था पर अगर सिर्फ़ क्रिकेट की दृष्टि से देखा जाए तो वेस्टइंडीज़ के उस दौरे ने मुझे सबसे ज़्यादा संतुष्टि दी."

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