अधिकारियों की 'हत्या' की साज़िश?

राष्ट्रमंडल खेल ख़त्म होने के दो महीने बाद भी नित नए विवाद सामने आ रहे हैं.

दिल्ली की तिहाड़ जेल के दो क़ैदियों ने दावा किया है कि उन पर राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े दो अधिकारियों की हत्या करने का दवाब डाला गया है. ये अधिकारी भी तिहाड़ जेल में ही बंद हैं.

अब दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस से कहा है कि वे इन आरोपों की जाँच करे और रिपोर्ट सौंपे.

खेलों में कथित तौर पर वित्तीय धाँधली के आरोप में टीएस दरबारी, संजय महेंद्रू और एम जयचंद्रन तिहाड़ जेल में बंद हैं.

दो क़ैदियों ने कहा है कि जेल अधिकारियों ने उन्हें तीन में से दो राष्ट्रमंडल अधिकारियों की हत्या के लिए एक बंदूक और चाकू दिया था.

जेल अधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है. वरिष्ठ अधिकारी नीरज कुमार ने एक स्थानीय चैनल को बताया, “ये दोनों क़ैदी आरोप लगाकर जेल अधिकारियों को डराना चाहते हैं क्योंकि वे अपने सेल से दूसरी जगह स्थानांतरित होना चाहते हैं.”

आरोप

अधिकारी ने कहा है कि दोनों क़ैदियों के मोबाइल फ़ोन की जाँच से कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अक्तूबर में राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच करने का आदेश दिया था.

खेलों पर केंद्रीय सतर्कता आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि खेलों के दौरान घटीया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और निर्माण कार्य का कुल ख़र्चा तय राशि से कहीं ज़्यादा रहा.

राष्ट्रमंडल खेल शुरु होने के बाद से ही कोई न कोई धाँधली का आरोप लगता रहा है. हाल ही में खेलों के आयोजन में शामिल कई विदेशी कंपनियों ने आयोजन समिति पर लाखों डॉलर का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है.

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