बीबीसी फ़न ऐंड गेम्स

भारतीय निशानेबाज़ गगन नारंग
Image caption गगन नारंग ने साल 2010 में कुल मिलाकर 16 पदक जीते.

बीबीसी फ़न ऐंड गेम्स के इस अंक में बात साल 2010 में खेल की दुनिया के बड़े और महत्वपूर्ण क्षणों की.

शुरुआत भारत में हुए राष्टमंडल खेलों से जहां भारत पदक तालिका में दुसरे स्थान पर पहली बार पहुंचा. भारत ने कुल मिलाकर 101 पदक जीते जिसमें से 38 स्वर्ण थे. इन खेलों में भारत को सबसे ज़्यादा पदक निशानेबाजी से मिले जहां गगन नारंग ने 4 स्वर्ण जीते. बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने खेलों के आख़िरी दिन अपने एकल मुकाबले में स्वर्ण जीता जिसकी बदौलत भारत ने पदक तालिका में दूसरा स्थान सुनिश्चित किया. राष्ट्रमंडल खेलों में कई भारतीय खिलाडियों ने तो इतिहास भी रचा. एक तरफ आशीष कुमार ने जिम्नास्टिक्स में तो दूसरी तरफ़ भारतीय महिला एथलेटिक्स टीम ने 4X400 मीटर रिले में देश को पहली बार स्वर्ण दिलाया. इसके अलावा डिसकस थ्रो में स्वर्ण जीतकर कृष्णा पूनिया ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. यही नहीं डिसकस थ्रो में तीनों पदक भारत के ही नाम गए जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था.

सुनिए बीबीसी फ़न ऐंड गेम्स वहीं एशियाई खेलों में मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह ने अपने करियर का पहला स्वर्ण जीता. तैराक वीर धवल खाड़े ने 24 साल में भारत को तैराकी में पदक दिलाया. जहां भारत को ज़्यादातर पदक निशानेबाज़ी से मिलते हैं वहीं एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों के निशाने चूके. निशानेबाज़ी में सिर्फ रोंजन सोढ़ी ही स्वर्ण दिलाने में कामयाब रहे.

कार्यक्रम में आगे बात अन्य खेलों की. साउथ अफ्रीका में हुए फ़ीफ़ा विश्व कप का ख़िताब पहली बार स्पेन ने अपने नाम किया. भारतीय क्रिकेट टीम 2010 में टेस्ट रैंकिंग्स में अपना पहला स्थान बरक़रार रखने में तो कामयाब रही ही साथ ही कई महत्वपूरण सिरीज़ भी अपने नाम कीं.

Image caption सचिन ने 2010 में 7 टेस्ट शतक, 50वां टेस्ट शतक, 14000 टेस्ट रन और एक दिवसीय में दोहरा शतक जड़ा.

इंडियन प्रीमियर लीग का तीसरा संस्करण महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने जीता. खेल से ज़्यादा आईपीएल विवादों के घेरे में रहा. जहां दो नई टीमें - कोच्ची और पुणे घोषित की गईं वहीं आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने कोच्ची की टीम के मालिकों में मंत्री शशि थरूर के होने पर सवाल उठाए. इसकी वजह से शशि थरूर को तो इस्तीफ़ा देना ही पड़ा साथ ही ललित मोदी के भी कुछ काले चिट्ठे सामने आए और उन्हें भी अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ गया.

2010 में खेल की दुनिया में कई और विवाद भी देखने को मिले. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले खेल गांव की स्वच्छता पर सवाल खड़े हुए और वित्तीय अनियमितताओं के चलते खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और उनकी टीम जांच के दायरे में आ गई.

मगर इस साल का सबसे बड़ा विवाद सामने आया स्पॉट फ़िक्सिंग के रूप में. आरोपों के घेरे में आए पाकिस्तान के तीन प्रमुख खिलाड़ी सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर.गेंदबाज़ों पर आरोप था कि उन्होंने पहले से तय ओवर और गेंद पर नो बॉल फेंकी और इस जानकारी का सट्टेबाज़ों ने लाभ उठाया. खिलाड़ी ख़ुद को निर्दोष बता रहे हैं मगर उनके विरुद्ध आईसीसी की जाँच जारी है और ये खिलाड़ी निलंबित हैं.

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