'अच्छा क्रिकेटर होने से बेहतर है अच्छा इंसान होना'

सचिन तेंदुलकर
Image caption मुंबई में अपने पिता की कविताओं पर आधारित सीडी रिलीज़ करने के मौके पर सचिन तेंदुलकर.

आख़िर सचिन तेंदुलकर की ज़बरदस्त कामयाबी का राज़ क्या है. क्यों उन्हें पूरी दुनिया का प्यार लगातार मिल रहा है. सचिन तेंदुलकर के पास इसका जवाब है.

वो कहते है, "इंसान का बर्ताव दूसरों के प्रति हमेशा अच्छा होना चाहिए. आप कैसी क्रिकेट खेलते हो, ये दूसरी बात है. अगर आप एक अच्छे इंसान हो तो लोग आपको हमेशा प्यार करेंगे. मेरे पिता ने मुझे ये बात सिखाई और यही बात मैं अपने बच्चों को सिखाऊंगा."

सचिन तेंदुलकर ने ये बातें मुंबई में अपने पिता रमेश तेंदुलकर की कविताओं पर आधारित गानों की एक सीडी रिलीज़ होने के मौके पर कहीं. सचिन ने ये भी कहा कि फिलहाल उनका अपनी आत्मकथा लिखने का इरादा नहीं है.

इससे पहले मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान सचिन ने स्कूली बच्चों से मुख़ातिब होते हुए कहा, "जीवन में जो भी काम करो पूरे मज़े लेकर करो. मैं क्रिकेट को काम समझकर नहीं बल्कि मज़े लेकर खेलता हूं. प्रैक्टिस को एन्जॉय करता हूं."

सचिन ने कहा कि अगर ये नुस्खा अपनाया जाए तो कितना भी कठिन काम हो वो मुश्किल नहीं लगेगा. उसको करने से थकान नहीं होगी.

सचिन ने आगे बताया कि जब वो क्रिकेट खेलते हैं तो और कोई बात उनके दिमाग में नहीं होती. वो सिर्फ़ अपने खेल के बारे में सोचते हैं.

फ़रवरी से शुरु होने वाले विश्व कप में भारत की संभावनाओं के बारे में सचिन ने कहा, "हम सब अपना बेहतरीन प्रदर्शन देने की कोशिश करेंगे. बाकी सब तो भगवान के हाथों में है."

सचिन के मुताबिक खिलाड़ी को अपनी फ़िटनेस और अनुशासन पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना चाहिए. तभी वो लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकता है.

अपने इतने लंबे करियर के दौरान ढेरों रिकॉर्ड बना चुके सचिन कहते हैं कि वो जब मैदान में उतरते हैं तो रिकॉर्ड्स की बात उनके ज़ेहन में होती ही नहीं. वो तो बस खेलते जाते हैं. रिकॉर्ड अपने आप बन जाते हैं.

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