तीन पाक क्रिकेटरों पर पाबंदी

मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट इमेज कॉपीरइट PA

तीन पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोपों की जाँच कर रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के ट्राइब्यूनल ने अपना फ़ैसला सुना दिया है.

आईसीसी ने पूर्व कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर को दोषी ठहराते हुए उन पर पाबंदी लगाई है. सबसे ज़्यादा 10 साल की पाबंदी सलमान बट पर लगाई गई है.

मोहम्मद आसिफ़ पर सात साल और मोहम्मद आमिर पर पाँच साल का प्रतिबंध लगाया गया है. सलमान बट की 10 में से पाँच साल निलंबित सज़ा है, जबकि मोहम्मद आसिफ़ की सात में से दो साल की निलंबित सज़ा है.

इन खिलाड़ियों पर आरोप था कि पिछले साल अगस्त में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग की थी. हालाँकि ये खिलाड़ी आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

अपील

ये तीनों खिलाड़ी इस पाबंदी के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं. आईसीसी के फ़ैसले के बाद मोहम्मद आमिर के वकील शाहिद करीम ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के साथ बातचीत में कहा, "मैं इस फ़ैसले से काफ़ी निराश हूँ. मुझे उम्मीद है कि हम 20 दिनों के अंदर इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे."

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग की ख़बर ब्रितानी अख़बार न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड ने छापी थी. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ख़ास समय पर नो बॉल फेंकी गई. इस मामले में व्यावसायी मज़हर मजीद का नाम आया और कहा गया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को स्पॉट फ़िक्सिंग के लिए पैसे दिए गए थे.

आईसीसी ने ट्राइब्यूनल के प्रमुख माइकल बेलॉफ़ की ओर से एक बयान जारी करके इन क्रिकेटरों पर पाबंदी की जानकारी दी है. माइकल बेलॉफ़ ने इस साल जनवरी में छह दिनों तक इन आरोपों की सुनवाई की थी. सुनवाई क़तर में हुई थी.

बेलॉफ़ ने अपने बयान में कहा है, "ट्राइब्यूनल इस नतीजे पर पहुँचा है कि मोहम्मद आसिफ़, मोहम्मद आमिर और सलमान बट पर लगे आरोप साबित हुए हैं. मोहम्मद आसिफ़ पर आरोप था कि उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में एक नो बॉल जान-बूझकर फेंकी. मोहम्मद आमिर पर उसी टेस्ट में दो नो बॉल जान-बूझकर फेंकने का आरोप था, जबकि सलमान बट पर आरोप था कि ये सब उनकी जानकारी में था."

तर्क

सुनवाई के दौरान इन तीनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने तर्क पेश किए थे. 18 वर्षीय मोहम्मद आमिर ने उस टेस्ट में 84 रन देकर छह विकेट लिए थे और मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी जीता था.

उन्होंने ये तर्क दिया था कि वे ये नहीं जानते कि उन्होंने ऐसा कैसे किया. जबकि मोहम्मद आसिफ़ का कहना था कि उन्हें कप्तान बट की ओर से तेज़ गेंद करने का निर्देश था और उन्होंने नो बॉल करने की ग़लती की.

आईसीसी ने ओवल में हुए टेस्ट मैच में भी गड़बड़ियों की पड़ताल की, क्योंकि न्यूज़ ऑफ़ वर्ल्ड की रिपोर्ट में मज़हर मजीद को ये दावा करते दिखाया गया था कि वे ओवल टेस्ट को भी प्रभावित कर सकते हैं.

बेलॉफ़ ने अपने बयान में कहा है कि सलमान बट पर ये आरोप था कि उन्होंने ओवल टेस्ट के दौरान एक ओवर मेडन खेलने पर रज़ामंदी जताई थी, लेकिन ये साबित नहीं हुए.

हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सलमान बट के ख़िलाफ़ ये आरोप ज़रूर साबित हुए कि उन्होंने आईसीसी के भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई को ये जानकारी नहीं दी कि मज़हर मजीद ने उन्हें एक ओवर मेडन खेलने के लिए संपर्क किया था.

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