क्रिकेट भ्रष्टाचार नियमों की समीक्षा

हारून लोर्गाट
Image caption लोर्गाट ने ट्राइब्यूनल के फ़ैसले पर संतुष्टि जताई है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आई सी सी फ़रवरी 2011 का विश्व कप शुरू होने से पहले भ्रष्टाचार विरोधी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है.

अंतरराषट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में रविवार को ही पाकिस्तान के तीन क्रिकेट खिलाड़ियों पर पाँच साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया है.

इन खिलाड़ियों के नाम हैं – सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर और इन पर इंग्लैंड में आपराधिक मुक़दमा भी चल रहा है. हालाँकि इन खिलाड़ियों ने किसी भी ग़लत काम में शामिल होने के आरोपों से इनकार किया है.

खिलाड़ियों पर नरमी

दोहा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के ट्राइब्यूनल से बीबीसी के खेल संवाददाता डेविड बाँड का कहना है कि पाकिस्तान के इन तीन खिलाड़ियों पर इतनी लंबी अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने के बावजूद ट्राइब्यूनल की यह कहते हुए आलोचना हो रही है कि उसने खिलाड़ियों पर नरमी दिखाई है.

लेकिन इन खिलाड़ियों पर शनिवार को प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला सुनाए जाने के बाद पहले इंटरव्यू में परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गाट ने कहा कि वो खिलाड़ियों को दिए गए दंड पर संतुष्ट हैं.

सख़्ती की अपेक्षा

हारून लोर्गाट ने ये भी कहा कि ऐसा नहीं लगता कि ट्राइब्यूनल इन खिलाड़ियों को दंडित किए जाने के मामले में कहीं से भी किसी तरह से नरम नज़र आया हो.

इसके उलट लोर्गाट ट्राइब्यूनल के इस फ़ैसले पर साहसिक रुख़ दिखा रहे हैं हालाँकि उन्होंने और परिषद ने फ़ैसला इससे कहीं ज़्यादा सख़्त होने की अपेक्षा की थी.

बीबीसी संवाददाता डेविड बाँड का कहना है कि आईसीसी को नहीं लगता कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार है लेकिन क्रिकेट की छवि को तार-तार कर देने वाली एक घटना की छह महीने तक जाँच की यही परिणति हुई है तो इससे संदेश जा सकता है कि इस दिशा में अभी बहुत काम करने की ज़रूरत है.

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